न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल हैदराबाद के अस्पताल में
रांची : सीएम हेमंत सोरेन सोरेन ने जांच के आदेश देकर यह जता दिया है कि गड़बड़ करने वाला कोई भी हो, बख्शा नहीं जायेगा। आरोप है कि न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल ने खास महाल की 9.30 एकड़ जमीन गोलमाल, हेराफेरी, फर्जीवाड़ा और कुछ लोगों को ‘खुश’ कर रजिस्ट्री करवायी। इधर आज इस विवादित जमीन को लेकर चार सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। जांच टीम में संयुक्त सचिव अभिषेक श्रीवास्तव, विशेष सचिव सुमन कैथरीन किस्पोट्टा और अवर सचिव मधुकांत त्रिपाठी के साथ अपर समाहर्ता राजेश कुमार बरवार भी मौजूद थे। इसकी अध्यक्षता झारखण्ड के श्रमायुक्त ए मुथु कुमार कर रहे थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद संभव है कि इस मामले में एफआईआर भी दर्ज होगी। 20 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने का आदेश दिया गया है।
इस विवादित जमीन के अभी चार दावेदार हैं। पहला मेंहदी हसन के वंशज, दूसरा हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट आरएसपी सिन्हा, तीसरा आशीष कुमार गांगुली एवं चौथा (वर्तमान) विष्णु अग्रवाल। उपलब्ध दस्तावेज यह दर्शाता है कि 88 लाख 6 हजार स्टांप ड्यूटी और कोर्ट फी देने बाद न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल के नाम रजिस्ट्री कर दी गयी जमीन। इस विवादित जमीन की सरकारी वैल्यू 22 करोड़ 1 लाख 49 हजार रुपये है। आरोप है कि 22 करोड़ की यह जमीन औने-पौने दाम में सलटाकर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया गया है। मामला उजागर होने के बाद सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।
जमीन से संबंधित दस्तावेज खंगालने पर प्रथम दृष्ट्या में जो मामला सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला है। कैसे, कितने लोगों को ‘मैनेज’ कर यह खेल खेला गया, यह जांच से स्वतः खुलासा हो जायेगा। हालांकि जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। वहीं इस जमीन के अन्य दावेदारों का दावा है कि बहुत गलत तरीके और मूल दस्तावेज में छेड़छाड़, फर्जीवाड़ा और कुछ रिकॉर्ड गायब कर यह खेल खेला गया। इस खेल में करोड़ों के वारा न्यारा होने की बात चर्चा में है। जांच के दायरे में कई सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी आयेंगे। कोहराम लाइव के रिपोर्टर ने जब विष्णु अग्रवाल का पक्ष लेने के लिए फोन किया तो उन्होंने कहा कि वे हैदराबाद में हैं और कल उनका आपरेशन होने वाला है।
विष्णु को उबारने में जुटे कई सफेदपोश
न्यूक्लियस मॉल के मालिक विष्णु अग्रवाल पर आई मुसीबत को दूर कर देने का ठेका लेने के लिए कई सफेदपोश भी सामने आ गये हैं। हर कोई अपने-अपने स्तर से उन्हें यह विश्वास दिलाने में लग गया है कि असली संकट मोचक वही है।






