Ranchi : रांची समाहरणालय की दीवारों पर धूप की हल्की किरणें पड़ते ही ब्लॉक-A के गलियारे में कदमों की आहट तेज हो गई। लेकिन इन आहटों में एक आहट अलग थी, यह थीं रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री की। न फाइल की फिक्र, न कैमरे की चाह, बस एक संकल्प कि “दफ्तर अब जनता के लिये जवाबदेह बनेगा।” जैसे ही DC साहब ने अंदर प्रवेश किया, उनकी नजर एक टेबल पर पड़ी। टेबल पर फाइलें थीं, कुर्सी थी, एक व्यक्ति भी बैठा था, दिनेश कुमार पासवान, लेकिन जो चीज नहीं थी वो थी उसकी नेम प्लेट। DC की दृष्टि वहीं ठहर गई। “आपके नाम की प्लेट नहीं है, यह तो आपकी पहचान है। जनता कैसे जानेगी कि किससे बात करनी है? यह कोई गलती नहीं, यह लापरवाही है।” DC ने दिनेश कुमार पासवान को तत्काल शो कॉज नोटिस देकर जवाब तलब किया है कि “नेम प्लेट क्यों नहीं लगी?” इसके बाद कदम बढ़े मुख्य लिपिक दिलीप कुमार की ओर। सबकुछ सामान्य, पर कुछ अधूरा, ID कार्ड गायब था। DC पूछे, “आप कार्यालय में हैं या किसी मेले में? आपकी पहचान अगर जेब में है तो जनता आपसे कैसे जुड़ेगी?” वहीं, जिला भू अर्जन कार्यालय में भी दृश्य बदला नहीं। कंप्यूटर ऑपरेटर आदर्श कुमार सिंह भी अपनी पहचान घर छोड़ आये थे। उन्हें भी वही सख्त आदेश मिला, शो कॉज नोटिस जारी की गई, वहीं तत्काल सफाई मांगी गई।
आज समाहरणालय ब्लॉक-ए अवस्थीत विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों की कार्यप्रणाली, स्वच्छता, कर्मचारियों की उपस्थिति और व्यवस्था का जायजा लेना था।
🔍 जिला कल्याण शाखा
👉🏻अनुपस्थित कर्मचारी नलिता कुमारी महतो और विकास जायसवाल… pic.twitter.com/INkyxM9SbU
— DC Ranchi (@DC_Ranchi) June 17, 2025
गैरहाजिर नलिता और विकास की खोज
जिला कल्याण शाखा में DC की नजरें दो खाली कुर्सियों पर ठहरीं। नलिता कुमारी महतो और विकास जायसवाल लिपिक पद पर तैनात हैं, मगर बिना सूचना के ग़ायब। दोनों को तलब किया गया। पूछा गया, “जनता को सेवा देने आये हो या छुट्टी मनाने? बिना जानकारी के अनुपस्थित रहना एक अपराध है।” इन दोनों को शो कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। जवाब संतोषजनक नहीं दिया तो कार्रवाई तय है।
जो तारीफ का हकदार रहा
ADM (विधि व्यवस्था) कार्यालय की स्थिति देखकर उपायुक्त के चेहरे पर हल्की संतुष्टि दिखी। उन्होंने कहा, “अगर बाकी कार्यालयों को आदर्श चाहिये, तो ADMJ कार्यालय से सीखें।” ऑफिस की व्यवस्था और सफाई की खुले मन से तारीफ की गई। बादल राज की अगुवाई में जिला शिक्षा कार्यालय में दस्तावेज तो सही मिले, पर कुछ जगह सुधार की जरूरत थी। DC ने सटीक दिशा-निर्देश दिये कि उपस्थिति रजिस्टर नियमित रूप से संधारित हो और ID कार्ड और नेम प्लेट सभी के लिये अनिवार्य हो। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री का सख्त संदेश है कि “कार्यालय जनता की सेवा का मंदिर है, यहां अनियमितता की कोई जगह नहीं। देर से आने वाले, बिना सूचना गायब रहने वाले अब बख्शे नहीं जायेंगे।”








