Kohramlive : टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड को शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। फाइनल में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुये 251 रन बनाये थे, लेकिन भारत ने 49वें ओवर में छह विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने अपनी सातवीं ICC ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
इस मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला ऐसा चला कि हर कीवी गेंदबाज बेबस नजर आया। रोहित ने 83 गेंदों पर 76 रनों की कप्तानी पारी खेली और भारत को मुश्किल समय से बाहर निकाला। जब भारत के दो विकेट जल्दी गिर गये, तो रोहित का संयम और भरोसा टीम के लिए संजीवनी बन गया। उनकी इस पारी ने दर्शकों को 2011 के वानखेड़े का नजारा याद दिला दिया। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुये 251 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। डेरिल मिचेल (63) और माइकल ब्रेसवेल (53) की पारियों ने कीवियों को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। भारत के लिए कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट झटके।
भारत की पारी की शुरुआत धमाकेदार रही। रोहित और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी। हालांकि गिल (31) और कोहली (1) के जल्दी आउट होने से भारतीय खेमे में चिंता बढ़ गई। लेकिन रोहित का धैर्य और श्रेयस अय्यर (48) की सूझबूझ भरी पारी ने टीम को संभाले रखा। अक्षर पटेल (29), हार्दिक पांड्या (18) और केएल राहुल (34) ने भी उपयोगी योगदान दिया। अंतिम क्षणों में रवींद्र जडेजा (9) के विनिंग फोर ने जीत की मुहर लगा दी और स्टेडियम में भारतीय झंडा लहराने लगा। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम कियाऔर पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहने का गौरव हासिल किया।
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि वो जज़्बा था, वो जुनून था, जो हर भारतीय के दिल में धड़कता है। मैदान पर बिखरी खिलखिलाती मुस्कानें, दर्शकों की गूंजती तालियां और तिरंगे की शान में झूमती भीड़… ये जीत हर भारतीय के दिल का जश्न बन गई।














