Kohramlive desk : लड़की नहीं है तो क्या हुआ, वीडियो कॉल पर लड़की ही नजर आयेगी। स्नैपचैट और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर अपराधी पहले आपसे दोस्ती करते हैं फिर वीडियो कॉल करते हैं और फिर उसी कॉल से शुरू होता है SEXTORTION। फिर वक़्त बीतने के बाद शख्स को अपने प्यार के जाल में फंसाया जाता है, फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का धंधा।
लड़की: Deep Fake Technology क्या है?
अभी तक तो इस धंधे में वो गैंग कामयाब हो रहे थे, जिनके गैंग में लड़कियां होती थीं, लेकिन अब बिना लड़की वाले गैंग भी ब्लैकमेलिंग कर वसूली कर रहे हैं। बिना लड़कियों वाले गैंग्स का नया हथियार बना है Deep Fake। Deep Fake एक ऐसी टेक्नोलॉजी है। जिस में Artificial Intelligence की मदद से असली तस्वीरों या वीडियोज से छेड़छाड़ कर उन्हें किसी खास मकसद के लिए फेक तस्वीरों और वीडियोज में बदल देना। ये सब इतनी सफाई से किया जाता है कि, असली और नकली तस्वीरों, वीडियोज में अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है। जिसमें बिना लड़की हुए भी वीडियो कॉल पर लड़की नजर आएगी और वो बेहद कामुक चैट और नंगे बदन के साथ आपसे वीडियो कॉल में बात करेगी। अगर आपने उसे चंद सेकंड भी बात कर लीं तो समझिए उनके फंसाए हुए जाल में आप फंस चुके हैं।
अहमदाबाद के एक 46 साल के बिजनेसमैन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पहले उसे फेसबुक पर एक बेहद खूबसूरत लड़की की फ्रेंड रिकेव्स्ट आई जो उसने कबूल कर ली। बस इसके बाद से ही उसने बिजनेसमैन के साथ चैटिंग शुरु कर दी। महज दो दिन के भीतर लड़की ने अपना नंबर दे दिया और बिजनेसमैन का नंबर ले लिया।
इसके बाद लड़की ने बिजनेसमैन को वीडियो कॉल किया जिसमें उसके जिस्म पर कपड़े नहीं थे । महज 15 सेकंड की इस कॉल के बाद कॉल कट गई , कॉल कटने के 15 मिनट के बाद बिजनेसमैन के पास फोन आया कि अभी जो वीडियो कॉल उसने की थी उसको वायरल कर दिया जाएगा। वीडियो ना वायरल करने के एवज में उससे दो लाख रुपये मांगे गए।
हालांकि बिजनेसमैन उसकी धमकी से नहीं डरा, जिसके बाद इस वसूलीबाज ने मोलभाव करना शुरुकर दिया। रकम गिरते-गिरते पचास हजार पर आ गई। इसके बाद बिजनेसमैन ने इसकी शिकायत अहमदाबाद की साइबर सेल से की। मामले की तफ्तीश की गई तो पता चला वीडियो कॉल में दिखने वाली लड़की असली नहीं थी, वो तो तकनीक की मदद से बनाई गई फेक लड़की थी।
तकनीक की मदद से ऐसी लड़कियां बनाई जाती हैं और फिर उनकी आवाज या तो किसी लड़की से या फिर आवाज बदलने वाले सॉफ्टवेयर की मदद से रिकॉर्ड कर लेते हैं। वीडियो कॉल भी बेहद कम समय का होता है ताकि ज्यादा सवाल जवाब का मौका ही ना मिले।
इस तकनीक के आने के बाद ब्लैकमेलिंग के मामलों में बेहद ज्यादा इजाफा हुआ है पुलिस के मुताबिक उनके पास कुछ ही शिकायतें आ पाती हैं बाकी लोग तो इन साइबर अपराधियों से मोलभाव कर पैसे देकर अपना पीछा छुटा लेते हैं। कम लोग ही हिम्मत कर के पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचते हैं।अगर आप भी ऐसी किसी वारदात का शिकार बनते हैं तो इन ब्लैकमेलरों को पैसे देने की जगह बिना झिझक पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।






