Ranchi : घर बैठे हजारों लाखों रुपया कमाने का नायाब तरीका खोज निकाला था शातिर मनोज राणा और हुकुम सिंह बिसेन। इनकी फितरत यह थी कि फर्जी नाम पता और फर्जी ग्राहक बनकर फ्लिपकार्ट और अमेजन कंपनी से मोबाइल खरीद उसे बाजारों में बेच दिया करता था। इन दोनों का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि कई राज्यों में फैले हैं इनके गुर्गे। इस अपराधी गिरोह का खुलासा तब हुआ जब मध्यप्रदेश पुलिस राजधानी रांची और जमशेदपुर आई।
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रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से सुशांत कुमार और प्रभात कुमार और जमशेदपुर के आदित्यपुर से विकास कुमार उर्फ नितिन कुमार को गिरफ्तार किया। इन तीनों को मध्यप्रदेश पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अपने साथ ले गई। इन तीनों पर आरोप है कि दूसरे का क्रेडिट कार्ड हैक कर पैसा अपने कार्ड में ट्रांसफर कर लेता था।
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उधर इस गिरोह के किंगपिन मनोज राणा और हुकुम सिंह बिसेन भी मध्यप्रदेश में पकड़ा गया। इन दोनों को मध्यप्रदेश के बालाघाट कोतवाली पुलिस ने पकड़ा। बालाघाट कोतवाली के पुलिस इंस्पेक्टर ने दर्ज एफआईआर में खुलासा किया है कि उन्हें मनोज राणा और उसके दोस्त हुकुम सिंह बिसेन की करतूतों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर पूरे लाव लस्कर के साथ मनोज राणा के घर में धावा बोला। उसका घर भटेरा चौकी बालाघाट, मध्यप्रदेश में है। उसके पिता का नाम टुंडी लाल राणा है। 38 साल का मनोज राणा पकड़ा गया। उसके घर के कमरे में रखे एक बोरा से पोको एम-3 कंपनी के 15 मोबाइल, रेडमी नोट-10 के चार मोबाइल मिले। मनोज राणा ने पूछताछ में अपना जुर्म कबुल किया और उसने बताया कि वह अलग-अलग नाम पर मोबाइल खरीद कर उसे बाजारों में बेचा करता था। पता एक ही लिखा करता था भंडेरा चौकी एचएसबी। मनोज के घर से नगद 1 लाख 74 हजार रुपये मिले। यह रुपये पलंग के नीचे छुपाकर रखे हुए थे।














