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सैकड़ों उड़ानें रद्द, यात्रियों को अलर्ट जारी…

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New Delhi : पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कई देशों के हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों ने भारतीय विमानन सेवाओं पर बड़ा असर डाला है। सुरक्षा जोखिमों के कारण रविवार को सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने की खबर सामने आई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्रीय अस्थिरता और हवाई मार्गों पर प्रतिबंध के चलते परिचालन संबंधी चुनौतियां बढ़ गई हैं। शनिवार को करीब 410 घरेलू उड़ानें रद्द हुईं। 1 मार्च को लगभग 444 उड़ानों के रद्द होने की आशंका जताई गई। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों की असुविधा कम करने के लिये एयरलाइनों व एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय जारी है। यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साझा की।

एयर इंडिया और इंडिगो का बड़ा फैसला

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुये प्रमुख एयरलाइनों ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थगित कर दिया है। एयर इंडिया ने 1 मार्च को यूरोप, अमेरिका और कनाडा के लिए 28 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं। दिल्ली और मुंबई से लंदन, न्यूयॉर्क, शिकागो, टोरंटो और पेरिस जैसी उड़ानें प्रभावित हुईं। वहीं, मिडिल ईस्ट के सभी गंतव्यों के लिये सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। वहीं इंडिगो ने भी ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुये यात्रियों को उड़ान स्थिति नियमित रूप से जांचने की सलाह दी है। प्रभावित यात्रियों को री-बुकिंग और रिफंड विकल्प दिये जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य चिंता का केंद्र ईरान और उसके आसपास का हवाई क्षेत्र है, जहां सुरक्षा जोखिमों के चलते कई देशों ने विमानों के मार्ग बदल दिये हैं। इससे लंबी दूरी की उड़ानों के शेड्यूल पर व्यापक असर पड़ा है।

केरल के एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित

खाड़ी देशों की उड़ानें रद्द होने से केरल के हवाई अड्डों पर बड़ा असर देखा गया। कोच्चि से दोहा, दुबई, अबू धाबी और रस-अल-खैमाह जाने वाली उड़ानें रद्द या डायवर्ट किये गये।  कतर एयरवेज ने भी दोहा सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं।  यात्रियों की मदद के लिये सरकार ने पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) को सक्रिय किया है। AirSewa पोर्टल पर 28 फरवरी को 216 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 105 का तत्काल समाधान किया गया। एयरपोर्ट्स पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। इधर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुये नागरिक उड्डयन मंत्री ने एयरलाइन ऑपरेटरों, डीजीसीए और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ हाई लेवल मीटिंग की। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार रूट बदलने के निर्देश दिये गये। प्रमुख एयरपोर्ट्स को इमरजेंसी लैंडिंग और संभावित डायवर्जन के लिये तैयार रहने को कहा गया।  इसके साथ ही विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद के लिये मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी अस्थिर बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट के लिये निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर जरूर जांच लें।

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