Ranchi : रांची की गर्म दोपहर में जब अस्पताल की दीवारों पर सन्नाटा पसरा था, तभी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मेडिका मणिपाल अस्पताल की ओर बढ़े। अस्पताल के बेड पर लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और झारखंड के आदिवासी स्वाभिमान की पहचान कड़िया मुंडा थे। उम्र के इस मोड़ पर जब शरीर लड़खड़ाता है, तब आत्मा को संबल देने कोई अपना ही आता है। मुख्यमंत्री ने उनका हाथ थामा, मन से मन जुड़ा और मौन की उस लय में गूंज उठी एक प्रार्थना “ईश्वर आपको शीघ्र स्वस्थ करें।” डॉक्टरों से उन्होंने पूरी जानकारी ली, पर उस पल उनकी आंखें सब कुछ कह रही थीं। यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं थी, यह संवेदना का प्रणाम था उस शख्सियत को, जिन्होंने झारखंड की आत्मा को संसद तक पहुंचाया था।
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