Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), “Protect Today, Secure Tomorrow” के संदेश के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक गरिमामय और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और झालसा, रांची के निर्देशानुसार की गई। प्राधिकार के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, DLSA मनोज प्रसाद के मार्गदर्शन में सचिव निभा रंजना लकड़ा ने किया। अपने संबोधन में सचिव ने पर्यावरण संरक्षण के ऐतिहासिक, संवैधानिक और वैश्विक पहलुओं को सरल और प्रभावी ढंग से रखा। उन्होंने बताया कि 5 जून 1972 को हुये स्टॉकहोम सम्मेलन में भारत की भागीदारी ने पर्यावरण के प्रति अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को मजबूती दी। 42वां संविधान संशोधन (1976) के जरिये अनुच्छेद 48(क) (राज्य के नीति निर्देशक तत्व) और भाग 4(क) (मौलिक कर्तव्य) में पर्यावरण संरक्षण को संवैधानिक दर्जा मिला। वहीं, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल प्रदूषण अधिनियम और वायु प्रदूषण अधिनियम की बारीकियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सबसे अहम बात यह रही कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद-21 के तहत “प्रदूषण मुक्त पर्यावरण” को जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा मानने की व्याख्या ने कार्यक्रम को कानूनी मजबूती दी।
सचिव निभा रंजना लकड़ा ने पैनल अधिवक्ताओं और पी.एल.वी. (PLV) को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे आम लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करें। स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र और घनी आबादी वाले इलाकों में विशेष अभियान चलायें इसके लिये एक रोडमैप भी तैयार किया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पी.एल.वी. सदस्यों द्वारा जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली सिविल कोर्ट परिसर से शुरू होकर गढ़वा के प्रखंड कार्यालय तक जाकर खत्म हो गई। रैली के दौरान “पर्यावरण बचाओ” “स्वच्छ हवा, सुरक्षित भविष्य” जैसे संदेशों से शहर गूंज उठा। बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी गई और मास्क का वितरण भी किया गया।








