spot_img
spot_img

स्वर्णरेखा से इक्कीसों महादेव तक, एक अनोखी 21 किलोमीटर की कांवर यात्रा

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Ranchi : झारखंड की धड़कन कही जाने वाली स्वर्णरेखा नदी आज अपने ही आंसुओं में डूबी है, प्रदूषण की बेड़ियों में जकड़ी, जैसे कोई रानी जिसे उसके ही महल में कैद कर लिया गया हो। लेकिन अब, एक अलख जगी है… धर्म और प्रकृति के मिलन की एक नई कहानी लिखी जा रही है।

27 जुलाई को, रांची की धरती पर एक अनोखी 21 किलोमीटर की कांवर यात्रा निकलेगी जो सिर्फ शिवभक्ति का रास्ता नहीं, बल्कि नदी की पुकार का जवाब है। स्वर्णरेखा उत्थान समिति के बैनर तले यह यात्रा शुरू होगी सुरेश्वर महादेव मंदिर से, कांवर यात्री बस से पहुंचेंगे नदी की जन्मस्थली रानीचुआं, नगड़ी। वहां से वे जल उठाकर पैदल नंगे पाँव चलेंगे, भक्ति से भरे मन से, सीधा उस जगह जहां स्वर्णरेखा और हरमू नदी एक-दूजे से गले मिलती हैं। इक्कीसो महादेव के चरणों में।

वो शिवलिंग नहीं, इतिहास की बोलती मूरतें हैं। नागवंशी काल की चट्टानों पर उकेरे गये 21 शिवलिंग, जो आज भी चुपचाप सब देख रहे हैं। इस बार वे चुप नहीं रहेंगे जब उन पर श्रद्धा का जल गिरेगा और चारों ओर हर हर महादेव की गूंज उठेगी। हर 5 किलोमीटर पर समाज के हाथों से स्वागत-पड़ाव होगा।  कहीं स्वर्णरेखा बैंक्वेट हॉल, कहीं कटहल मोड़, कहीं अरगोड़ा चौक और फिर रेडिसन ब्लू के पास सुजाता चौक, हर जगह आस्था का स्पर्श होगा।

तीसरे साल में प्रवेश कर चुकी यह यात्रा अब सिर्फ परंपरा नहीं रही यह प्रकृति को पुनर्जीवित करने का यज्ञ बन चुकी है। स्वर्णरेखा को फिर से जीवनदायिनी बनाना और इक्कीसों महादेव की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना ही इसका उद्देश्य है।स्वर्णरेखा उत्थान समिति ने आम जनता से आह्वान किया है “आइये, सिर्फ कांवर न उठायें, बल्कि जिम्मेदारी भी उठाएं इस यात्रा में शामिल होकर स्वर्णरेखा को नया जीवन और संस्कृति को नई सांस दें।”

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

संडे हो या मंडे, रोज खायें 2 अंडे, कितना मिलता है प्रोटीन… जानें

Kohramlive : अंडा उन चुनिंदा खाद्य पदार्थों में शामिल...

रेलवे में खिलाड़ियों के लिये निकली वैकेंसी… डिटेल्स जानें

Kohramlive : खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने...

दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान ट्रंप का ‘उड़ता हुआ व्हाइट हाउस’, जानें खासियत…

Kohramlive : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर से...

गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 61 दिनों तक इन राशियों पर बरसेगी कृपा…

Kohramlive : वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर को विशेष...