Kohramlive : हैदराबाद के बंजारा हिल्स की चमक-दमक के बीच लंबे इंतजार और कानूनी उलझनों के बाद 24 अक्टूबर को आखिरकार हैदराबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने कॉर्पोरेशन बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व वरिष्ठ बैंक प्रबंधक टी. चंद्रकांत को दो साल के कठोर कारावास और ₹20,000 जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, छह निजी उधारकर्ता वी.एन.एस.सी. बोस, वी. राजनश्री, कोंडा शेखर रेड्डी, एन.वी.पी. नंद किशोर और एच. राजा शेखर रेड्डी को एक-एक साल की सजा और कुल ₹55,000 का जुर्माना लगाया गया।
CBI जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों और झूठी जानकारियों के सहारे बैंक से 4.9 करोड़ रुपये का हाउसिंग लोन हासिल किया। पद का दुरुपयोग कर उन्होंने बैंकिंग नियमों की अवहेलना की और वित्तीय संस्था को भारी नुकसान पहुंचाया। CBI ने अपने बयान में कहा है, लोक सेवकों द्वारा पद का दुरुपयोग और वित्तीय संस्थानों को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इससे पहले 18 अक्टूबर को गाजियाबाद की CBI अदालत ने
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, नोएडा शाखा के प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव को भ्रष्टाचार के मामले में चार साल की कैद और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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