Kohramlive : भारत विरोधी बयानों पर विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में नसीहत दी, अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भारत के खिलाफ जहर उगलना बंद करे, वरना अंजाम हालिया घटनाओं जैसा होगा। वहीं इस्राइल-फलस्तीन मसले पर भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि वह संघर्ष विराम, बंधकों की रिहाई, गाजा में मानवीय मदद और दो-राष्ट्र समाधान के पक्ष में है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में PM मोदी की भागीदारी पर फैसला बाकी है, लेकिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर जल्द ही मॉस्को में भारत-रूस आयोग की अहम बैठक में शामिल होंगे। अलास्का में प्रस्तावित अमेरिका-रूस वार्ता का भारत ने स्वागत किया, तो चीन के साथ सीमा व्यापार बहाली के लिए भी बातचीत जारी है।
अमेरिकी मानवाधिकार रिपोर्ट को मंत्रालय ने ‘पक्षपातपूर्ण और तथ्यों से परे’ बताते हुए खारिज किया। वहीं, अगस्त में होने वाले ‘युद्ध अभ्यास’ सैन्य प्रशिक्षण और 2+2 बैठक के जरिये भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूती देने की बात कही।








