RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची में एक विचित्र मामला प्रकाश में आया है। एक साल की बच्ची के पेट से डॉक्टरों ने एक अविकसित बच्चे को निकाला है। कुछ दिन पहले गिरिडीह के एक माता-पिता दर्द से कराहती अपनी एक साल की बच्ची को लेकर टाटीसिलवे स्थित स्वर्णरेखा अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची के पेट में सूजन की वजह जानने के लिए जब अल्ट्रासाउंड कराया, तो संदेह हुआ। उन्होंने बारी-बारी से सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई भी कराया। मुकम्मल जांच के बाद पुष्टि हुई कि बच्ची के पेट में बच्चा है। अस्पताल के डॉ. आलोक चंद्र प्रकाश और उनकी टीम ने तुरंत ऑपरेशन का मन बनाया और सर्जरी कर बच्ची के पेट से अविकसित भ्रूण को बाहर निकाला।
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ऑपरेशन के बाद स्वस्थ है बच्ची
ऑपरेशन के बाद बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है, उसे अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। डॉ. आलोक ने कहा कि यह मामला खुद में ही काफी अनोखा है. दुनिया भर में अब तक इस तरह के 200 से भी कम मामले मिले है। भारत के कुछ राज्यो में भी 5-6 मामले ऐसे मिल चुके हैं। इसे मेडिकल भाषा में फिटस इन फिटू कहा जाता है।
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क्या है फिटस इन फिटू
एक्सपर्ट डॉक्टरों के अनुसार, फिटस इन फिटू मतलब भ्रूण के अंदर एक और भ्रूण। जब महिला और पुरुष का स्पर्म का विभाजन होता है और जुड़वा बच्चे होते हैं। लेकिन इस स्थिति में स्पर्म डिवीजन के बाद एक बच्चा विकसित होता है और दूसरा विकसित नहीं होता है। दूसरा पहले के शरीर में चिपका रह जाता है। 80% मामलों में भ्रूण विकसित हो रहे बच्चे के पीठ में चिपक जाता है और 20% मामलों में यह कमर के हड्डी या सिर की हड्डी में चिपक जाता है।
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