UP : यूपी बरेली के शाहजहांपुर के रोजा के सुतनेरा गांव में रहनेवाले नूर मोहम्मद ने अपनी बेटी रूबी को मां के बिना पाला था, मंगलवार की सुबह अपनी ही संतान की सांसें छीन बैठा। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि 17 साल की रूबी के हावभाव बदल गये थे, वह अब अपनी दुनिया खुद बनाना चाहती थी। वही दुनिया, जिसमें अरमान नाम का एक लड़का था, दिल्ली की गलियों में रहने वाला। उस सुबह जब नूर खेत से लौटा, रूबी फोन पर बात कर रही थी। पिता ने टोका, रूबी ने जवाब दिया और फिर पलभर में रिश्ते का सब्र टूट गया। हाथ में उठी लाठी ने बाप को जल्लाद बना दिया। एक वार… फिर दूसरा… और जमीन पर पड़ी रूबी। जब बहू सलमा लौटी, तो सामने का दृश्य देख जड़ हो गई। बोली, “मैंने कहा, अब्बा, आपने क्या कर दिया!” नूर का जवाब था, “हमने जो किया, अच्छा किया, किसी को कुछ नहीं होगा।”
रूबी के हाथों पर अब भी मेहंदी से लिखा था “अरमान”… उसके ऊपर बना था एक छोटा-सा दिल। शायद वही दिल, जो किसी का नहीं रहा। SP राजेश द्विवेदी ने मीडिया को बताया कि नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया है। लाठी बरामद हुई है। जांच में यह साफ हुआ कि लड़की का प्रेम-प्रसंग चल रहा था और पिता को यह मंजूर नहीं था।






