Hazaribagh(Sunil/Pooja) : हजारीबाग में दवाइयों की दुकानों पर अब मनमानी नहीं चलेगी। DC ने साफ कह दिया है, जो दुकान बिना लाइसेंस और नियमों के चल रही है, अब उसके दिन पूरे हुये। बड़कागांव के CO मनोज कुमार और डॉ. अविनाश कुमार की साझा टीम बाजार से लेकर गांवों तक निकल पड़ी, दुकान-दुकान, कागज-कागज टटोलती नजर आई। टीम ने हर दुकान में वही सवाल दोहराया, लाइसेंस कहां है? बिल कहां है? योग्य फार्मासिस्ट कौन है? कोल्ड स्टोरेज से लेकर प्रिस्क्रिप्शन तक कोई भी हिस्सा जांच से बच नहीं पाया। कई दुकानों पर लाइसेंस था ही नहीं। कई पुराने या फर्जी कागज़ों के सहारे धंधा चमका रहे थे। वहीं, कुछ संचालक तो जांच की भनक लगते ही दुकान में ताला लगाकर गायब हो गये। पूरे तथ्य जुटाकर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जायेगी। इधर, जनता ने कहा कि “देर आये, दुरुस्त आये।” स्थानीय लोग इस अभियान से खुश दिखे। उनका कहना है, बिना ज्ञान और बिना लाइसेंस दुकान चलाना पूरा गांव जोखिम में डालने जैसा है। सुनें क्या बोले दुकानदार और डॉक्टर…














