Ranchi : साहिबगंज के अवैध खनन खेल में अब ED ने PMLA के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। तुलस्यान ग्रुप की 5.39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की तैयारी है। इसके लिये रांची के विशेष अदालत से अनुमति मांगी गई है। हरी झंडी मिलते ही जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी। इस पूरे खेल में कई कंपनियां और चेहरे सामने आये। मेसर्स सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मेसर्स इको फ्रेंडली इंफ्रा टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अशोक तुलस्यान, सिद्धार्थ तुलस्यान, चमन तुलस्यान, पुरुषोत्तम तुलस्यान जैसे बड़े नाम और खेल उससे भी बड़ा सामने आया है।
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ED की जांच में सामने आई चौंकाने वाली बातें
जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई। बिना परिवहन चालान के 351 रेलवे रैक भेजे गये, पत्थर और बोल्डर की अवैध सप्लाई की गई। ED की जांच में सामने आया कि 11.29 करोड़ रुपये के स्टोन चिप्स, 5.94 करोड़ रुपये के बोल्डर यानी कुल मिलाकर भारी भरकम रॉयल्टी की चोरी की गई। इसी काले कारोबार से 5.39 करोड़ की संपत्ति खड़ी की गई, जो अब जब्त होने की कगार पर है।
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जांच में ये भी सामने आया कि रेलवे अधिकारियों सहित कई लोकसेवकों को रिश्वत दी गई, ताकि यह पूरा नेटवर्क बिना रोक-टोक चलता रहे। यानी सिर्फ खनन नहीं, पूरे सिस्टम को ही मैनेज करने की कोशिश की गई। साहिबगंज के जोकमारी स्थित पत्थर खदान से अवैध निकासी के सबूत सामने आये। 2015 से लगातार यह खेल चलता रहा। छापामारी में ED को पुख्ता सबूत मिले हैं।








