Hazaribagh : शहर की नींद खुलने से पहले ही NIA की टीम जांच के लिए पहुंच गई। हजारीबाग में बुधवार तड़के करीब 4 बजे बाबा पथ की सुभाष बारला गली में अधिकारियों ने दस्तक दी। दो अलग-अलग टीमें थीं। निशाने पर दो रिश्तेदारों के मकान थे। कार्रवाई के दौरान उदय साव और प्रदीप साव के घर की तलाशी ली गई। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले बताये जाते हैं। सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान एक व्यक्ति को टीम अपने साथ ले गई। लेकिन उसकी गिरफ्तारी हुई है या उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया है, यह साफ नहीं है।
एक घर से निकली टीम, दूसरे में जारी रही पड़ताल
NIA की एक टीम तलाशी पूरी कर लौट गई। दूसरी टीम मकानों के पीछे मैदान की तरफ से एक अन्य रिश्तेदार के घर पहुंची। वहां दस्तावेजों और दूसरे कागजात की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। कई गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के इलाके में चर्चा शुरू हो गई।
टेरर फंडिंग के शक में कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक, जांच का संभावित कनेक्शन मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से जुड़ा हो सकता है। परिवार के कुछ सदस्य पहले ट्रांसपोर्टिंग कारोबार में थे। बिहार में पूर्वजों के कत्था कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, NIA ने अब तक कार्रवाई की वजह या जांच के दायरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।







