Latehar : लोभ-लालच में आकर बाप का ही खून करवा दिया। मनोज लकड़ा के मन में यह पाप समा गया था कि अगर बाप क्लेमेंट लकड़ा को ठिकाने लगा दिया तो उसकी सारी जमीन-जायदाद का वह वारिस हो जायेगा। वहीं बाप का मर्डर कराने के बाद छोटे भाई को निपटाने का भी भयानक इरादा बना लिया था, ताकि समूचे जायदाद का वह अकेला वारिस हो जाये। बाप क्लेमेंट लकड़ा को मौत के घाट उतारने में मनोज ने पेशेवर अपराधी अशोक राम का इस्तेमाल किया। हत्यारों से 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय किया। बतौर एडवांस 20 हजार रुपये उसे दे दिये। बीते 22 जुलाई को क्लेमेंट लकड़ा की लाश उनके घर से कुछ ही पर मिली थी। पुलिस ने शक की बुनियाद पर बेटे मनोज को उठा लिया। वह पुलिस के सामने टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
उक्त कांड का खुलासा करते हुये लातेहार के DSP राजेश कुजूर ने बताया कि शिक्षक क्लेमेंट लकड़ा की खून से लथपथ लाश मिलने से यह साफ हो गया था, यह मामला मर्डर का है। घरवालों ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ केस किया। अनुसंधान में पुलिस को यह पता चला कि क्लेमेंट लकड़ा का उसके बड़े बेटे मनोज से मनमुटाव चल रहा था। क्लेमेंट लकड़ा का घर लातेहार के महुआटांड़ के धवइटोला बस्ती में है। शक के आधार पर पुलिस ने मनोज को उठा लिया। मनोज अपनी पत्नी के साथ हजारीबाग में रहता है। मनोज का बैंक अकाउंट खंगाला गया। शक यकीन में बदल गया। मनोज ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि जमीन-जायदाद हड़पने की खातिर उसने यह कांड किया। महुआडांड़ में रहनेवाले दागी अशोक राम से सौदा 1 लाख 20 हजार में तय हुआ था। उसने 20 हजार रुपये एडवांस दे दिये थे। अशोक ने अपने एक दोस्त की मदद से शिक्षक क्लेमेंट लकड़ा का काम तमाम कर दिया। इस बात का खुलासा आज लातेहार के DSP राजेश कुजूर ने मीडिया के सामने किया। इस कांड का खुलासा करने में DSP राजेश कुजूर, इंस्पेक्टर धर्मदेव पासवान, थानेदार रतन टुडू, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद जफर अंसारी, अजय दास, संजय रत्न की सराहनीय भूमिका रही।
इसे भी पढ़ें :सिविल कोर्ट का DIG ने किया औचक निरीक्षण…
इसे भी पढ़ें :सरकारी दुकान में नकली शराब…
इसे भी पढ़ें :इस हाल में मिली जुड़वा बहनें, जेल गई रजनी…












