Saraikela : सुबह की धूप धीरे-धीरे अपने पैर फैला रही थी, मगर खरसावां के शिक्षा विभाग के कार्यालय में न कोई हलचल थी, न कोई आहट। सोमवार की सुबह, जब जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने अचानक प्रखंड शिक्षा प्रसार कार्यालय का दरवाजा खटखटाया, तो जवाब में मिला सन्नाटा… और एक भारी ताला। समय था 10:45, जब शिक्षा का घर खुला होना चाहिये था, तब वह गहरी नींद में बंद मिला। न कोई अधिकारी, न कोई कर्मी, बस एक जंग खाया ताला जैसे कह रहा हो “यहां वक्त की कोई कदर नहीं!”
DEO मिश्रा की आं खों में झलक आई नाराज़गी की चिंगारी। उन्होंने वही किया जो एक जिम्मेदार अफसर करता है। लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया। उन्होंने BEEO समेत सभी कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक का आदेश देते हुये साफ शब्दों में कहा “अनुशासन, समयपालन और ज़िम्मेदारी… यही प्रशासन की रीढ़ हैं। जो इसे नहीं समझते, उन्हें इसका मूल्य समझाना जरूरी है।”अब इस कार्यालय में ताले की चाबी तो खुलेगी, मगर साथ ही खुलेगी एक सख्त कार्रवाई की फाइल ताकि आने वाले कल में शिक्षा का दरवाज़ा वक्त पर खुले, और ज़िम्मेदारी कभी सो न जाये।








