Ranchi : झारखंड के टीचर एजिबिलिटी टेस्ट (JTET)-2016 में पास हुए कैंडिडेट एक बार फिर से सड़क पर हैं। शिक्षा विभाग के शिक्षक नियुक्ति संशोधन नियमावली का विरोध शुरू हो गया है। राज्य के हर जिले से यहां पहुंचे सैंकड़े की संख्या में JTET-216 उत्तीर्ण अभ्यर्थी सीधी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। साथ ही ये नई नियुक्ति नियमावली को भी वापस लेने की मांग कर रहे हैं। दर्जनों की संख्या में महिलाएं यहां पहुंची हैं जो पूरी तरह भावुक हैं। इन्होंने कहा कि नौकरी की आस में पूरी मेहनत से जो परीक्षा पास की उस नौकरी के लिए अब आंखें पथराने लगीं हैं। इस बीच झारखंड टेट(JTET) सफल अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गुरुवार को नाराज विद्यार्थियों ने इसके खिलाफ शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया।
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नाराज अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा है। अपनी मांगों को लेकर मंत्री और विधायक के दरवाजे का चक्कर लगाते-लगाते चप्पल घिस गए, लेकिन किसी की इन 50 हजार अभ्यर्थियों की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। घोषणा पत्र में बड़ी-बड़ी बाते करते हैं। लेकिन सरकार बनने के बाद ही भूल जाते हैं।
शिक्षा मंत्री की अनुमति के बाद मंत्रिमंडल से कराया जाना है स्वीकृत
बताते चलें कि शिक्षक पात्रता परीक्षा संशोधित नियमावली को लेकर कार्मिक और विधि विभाग से सहमति ले लिया गया है. शिक्षा मंत्री के पास प्रस्ताव पर अंतिम सहमति के लिए भेजा गया है. फिलहाल शिक्षा मंत्री के पास यह प्रस्ताव है। शिक्षा मंत्री के अनुमति मिलने के बाद मंत्रिमंडल से स्वीकृत किए जाने की तैयारी है। और उसके बाद इसे राज्य भर में लागू किया जाएगा।
यह नियम बदल रहा
जानकारी के मुताबिक पूर्व में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों के एकेडमिक प्रमाण पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा का परिणाम के आधार पर मेधा सूची जारी की जाती थी। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग काउंसिलिंग और मेरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाती थी। लेकिन अब एक ही परीक्षा के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। राज्य भर में 2013 के जेटेट पास 48000 और 2016 के जेटेट पास 53000 अभ्यर्थी हैं जो शिक्षक नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इस बीच नियम बदला जा रहा है।
इनकी मांगे क्या है?
ये सभी अभ्यर्थी “झारखंड प्रारंभिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2012′ के तहत अपनी सीधी नियुक्ति चाहते हैं। ये उन नियुक्ति नियमावली का विरोध कर रहे हैं जिसके मुताबिक अब शिक्षकों की नियुक्ति चयन परीक्षा के आधर पर होगी। इनका कहना है कि 2013 में JTET पास सभी अभ्यर्थियों का 2012 की नियमावली के आधार पर सीधी नियुक्ति हुई है तब 2016 वालों के साथ ऐसा क्यों? इधर शिक्षक नियुक्ति संशोधन नियमावली में बदलाव की भनक लगते ही विरोध शुरू हो गया है। राज्य के टेट पास अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को टेट पास अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के आवास के बाहर प्रदर्शन किया












