Hazaribagh(Krishna Paswan) : बरसात की बूंदें शहर की छतों से टपक रही थीं और ठीक उसी वक्त DC शशि प्रकाश सिंह का काफिला पहुंचा एफसीआई गोदाम, उस जगह जहां अनाज के दाने सिर्फ भरे नहीं जाते, बल्कि जनकल्याण की उम्मीदें पनपती हैं। यह कोई साधारण निरीक्षण नहीं था। डीसी साहब की नजरें तलाश रही थीं गुणवत्ता में छिपी जिम्मेदारी, रख-रखाव में छिपा अनुशासन और सुरक्षा में छिपा भरोसा। हर कोने की पड़ताल हुई। कहीं चूहे तो नहीं घुस आये, कहीं सीलन तो अनाज को बदनाम नहीं कर रही। उन्होंने साफ शब्दों में कहा “बरसात आई है, लेकिन लापरवाही नहीं आनी चाहिये। नमी का कोई बहाना नहीं चलेगा। हर दाना सलामत रहना चाहिये।”
अग्निशमन यंत्रों से लेकर अलार्म सिस्टम तक, सबकी हालत पूछी गई। कीटनाशकों की महक भी समीक्षा से बच न सकी। मेलेथ्रॉन स्प्रे के प्रभावी छिड़काव के निर्देश दिये गये ताकि कोई कीट अनाज को छू न सके। DC ने यह भी चाहा कि गोदाम की दीवारें सिर्फ ईंट-पत्थर की न रहें। वे बनें सूचना की दीवारें, जहां जनवितरण योजना की हर बात, हर दिशा-निर्देश आम जनता तक पहुंचे। निरीक्षण के साथ एक संदेश भी गया “भंडारण हो मानक अनुसार, ताकि हर जरूरतमंद की थाली तक पहुंचे पूरा-पौष्टिक अनाज।” मौके पर उनके साथ जिला आपूर्ति पदाधिकारी और FCI के अधिकारी भी मौजूद थे।






