Garhwa(Nityanand Dubey) : विकास की राह में अगर फाइलें ही कदम रोक दें तो योजनाएं जमीन तक कैसे पहुंचेंगी? गढ़वा में वर्षों से लंबित और अब तक शुरू नहीं हुई विकास योजनाओं को लेकर DC पशुपति नाथ मिश्रा ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है। समाहरणालय सभागार में विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान DC ने साफ कहा कि जो योजनाएं अब तक शुरू नहीं हुई हैं, उनकी राशि जल्द वापस की जाये, ताकि उन पैसों से नई योजनाएं ली जा सकें। वहीं, जिन योजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान DMFT, Untied Fund, PHED, Welfare Fund और Aspirational District Fund समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। DC ने अधिकारियों से योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी मांगी। बताया गया कि कई मामलों में संबंधित पदाधिकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर DC ने नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा कि अगली समीक्षा बैठक तक योजनाओं की स्थिति और प्रगति को लेकर स्पष्टता नहीं मिली तो कार्रवाई की जायेगी।
देरी और लापरवाही पर अब नहीं चलेगा बहाना
DC पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी, लापरवाही और उदासीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने और कागजों के बजाय जमीन पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी DC ने सख्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवंटित राशि का समयबद्ध और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित हो। साथ ही योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति में संतुलन बनाए रखा जाये। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लंबित समस्याओं का तत्काल समाधान करने को भी कहा गया। बैठक से अधिकारियों को संदेश साफ है कि अब सिर्फ कागजों में योजनाओं की प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा। अगली बैठक में काम की रफ्तार, खर्च की स्थिति और जमीन पर नजर आने वाले परिणाम, तीनों का हिसाब देना होगा। बैठक में DDC प्रेमलता मुर्मू, DRDA के निदेशक सुकेशनी करकेट्टा समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कार्यपालक अभियंता और तकनीकी पदाधिकारी मौजूद रहे।





