Palamu : पलामू के मेदिनीनगर के सी.एम. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (गर्ल्स) के आंगन में जब वर्दी में बहनें आई तो आंखों में सुरक्षा की रौशनी और दिलों में आत्मबल की लौ जग गई। पुलिस सिर्फ डंडे की नहीं, सहारे की पहचान बनकर आई और बेटियों ने जाना, डर से नहीं, हक से जीना क्या होता है। एक महिला पुलिसकर्मी ने कहा कि बेटियां अब सवाल पूछना सीखें और हक मांगना सीखें तो पुलिस उनका डर नहीं, सहारा है।”
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
- महिला पुलिस टीम की सक्रिय भागीदारी
- हेल्पलाइन नंबर्स 112 और 1930 की जानकारी
- पोस्टर के माध्यम से गुड टच-बैड टच की समझ
- नशा, यौन शोषण, बाल विवाह, दहेज और छुआछूत पर जागरूकता
- सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की जानकारी
- महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर प्रेरक संवाद














