KHUNTI : बढ़ती जनसंख्या और संसाधनों के बीच असंतुलन बढ़ रहा है। प्राकृतिक संसाधनों का दोहन भी बढ़ता गया, पर संसाधन में कोई इजाफा नहीं हुआ। नतीजा कई तरह की आपदाएं आ रही है। बढ़ती जनसंख्या पर कंट्रोल जरूरी है। ताकि प्राकृतिक के साथ संतुलन बना रहे। यह कहना है खूंटी के उप विकास आयुक्त नीतीश कुमार सिंह का। वे आज खूंटी के सदर अस्पताल खूंटी परिसर में विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग काम किया जाता था। तब जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर ज्यादा थी। इस वजह से प्राकृतिक संतुलन बना रहता था पर अब ऐसा नहीं है। मेडिकल साइंस बहुत तरक्की कर ली है। मृत्यु दर में कमी आई है। जनसंख्या वृद्धि को रोकने के प्रयास लोगों को खुद करना होगा।
इस अवसर पर सिवल सर्जन डॉ अजीत खलखो ने कहा कि जनसंख्या धीरे- धीरे बढ़ते हुए पांच करोड़ की संख्या को पार कर गयी है। जनसंख्या को कम करने के लिए पहली दफा 1999 में पहली बार विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि सहियाओं के द्वारा सर्वे करके योग्य दंपत्ति की सूची बनायी गयी है।
इस मौके पर परिवार नियोजन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले डॉ शकील अहमद, डॉ नागेश्वर मांझी, डॉ रीता कश्यप, डॉक्टर संध्या कुमारी, डॉ पीपी शाह, अनिभा तोपनो, पुष्पा पासी, रेखा कुमारी, आरती कुमारी, करुणा कुमारी, मारिया गोरेटी, बीणा देवी, सूरज महतो, सरिता देवी, सुषमा देवी, आरती देवी, हीरामणि नाग और गीता कुमारी को पुरस्कार देकर उन्हें नवाजा गया। मौके पर डीपीएम कानन बाला तिर्की, डीएएम विकास कुमार सिंह, सुनीता दास, डीडीएम श्वेता सिंह, डीपीसी डॉक्टर उदयन शर्मा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
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