Garhwa : गढ़वा में श्रमिक दिवस की पूर्व संध्या कुछ अलग ही अंदाज में सजी। गढ़वा के सदर SDO संजय कुमार की पहल “कॉफी विद एसडीएम” ने मजदूरों के दिलों में भरोसे की नई लौ जला दी। कार्यक्रम में 50 से ज्यादा दैनिक मजदूर शामिल हुये। महिला कामगारों की उपस्थिति सबसे खास रही। मजदूरों ने चौपाल में खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। SDO संजय कुमार ने समझाया कि बाहर काम करने वाले श्रमिक श्रमाधान पोर्टल पर जरूर रजिस्ट्रेशन करायें।
इसके कई फायदें मिलेंगे, जैसे दुर्घटना या आपदा में सीधी आर्थिक मदद, सेफ्टी किट, औजार सहायता, बच्चों की छात्रवृत्ति, इलाज, मातृत्व और विवाह सहायता, पेंशन योजनाओं का लाभ। मौके पर ही 15 श्रमिकों को लेबर कार्ड दिये गये। 10 नये कामगारों का पंजीकरण किया गया। इस पहल ने साबित कर दिया कि जब प्रशासन संवेदनशील हो, तो बदलाव दूर नहीं और जब संवाद खुला हो तो हर समस्या का हल मिलता है।
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SDO ने बिचौलियों को खुली चेतावनी दी
श्रमिकों ने कमीशनखोरी की खुलकर शिकायत की। इसपर SDO ने साफ कहा कि किसी बिचौलिये के चक्कर में मत पड़िये। कोई पैसे मांगे तो सीधे मुझे फोन करें। अपना निजी नंबर तक साझा कर दिया। प्रमिला देवी, नीता देवी, सीमा देवी ने आवास योजना नहीं मिलने की शिकायत की, दिव्यांग रविकांत भारती को ₹10,000 सहायता + ₹1000 मासिक पेंशन की प्रक्रिया समझाई गई। अनीता देवी, किरण कुमारी के बच्चों के स्कूल नामांकन में मदद करने का भरोसा दिया गया। सुखनी देवी के खराब चापाकल पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिये गये।
सम्मान मिला तो चेहरे खिल उठे
पुरुष श्रमिकों को गमछा, महिला श्रमिकों को स्टॉल (अंग वस्त्र) एवं बच्चों को जूते-चप्पल दिये गये। SDO संजय कुमार ने संदेश दिया कि “मजदूरों का सम्मान करना कोई एहसान नहीं, यह समाज का कर्तव्य है। विकास की असली नींव हमारे श्रमिक भाई-बहन ही हैं।”






