UP : यूपी की विधानसभा में बुधवार को एक अलग ही समा बंधा। सदन में महाकुंभ का ज़िक्र आते ही CM योगी आदित्यनाथ का धधकता हुआ स्वर गूंजा, “महाकुंभ कोई साधारण मेला नहीं, यह सनातन की आत्मा है। संक्रमित व्यक्ति का उपचार संभव है, लेकिन संक्रमित सोच का कोई इलाज नहीं! विपक्ष की भाषा, सभ्य समाज के अनुकूल नहीं।” विपक्ष के कुछ नेताओं ने महाकुंभ पर सवाल उठाये, इसे ‘धन की बर्बादी’ तक कह डाला। इस पर CM योगी ने आक्रामक तेवर दिखाते हुये कहा, “जो लोग इसे फिजूलखर्ची बता रहे हैं, वे खुद छिपकर संगम में डुबकी लगा रहे हैं!” उन्होंने विपक्ष के बयानों को सदन में पढ़कर सुनाया और दो टूक कह दिया,”यह आयोजन किसी पार्टी का नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा का गौरव है! सनातन धर्म पर चोट बर्दाश्त नहीं!” ममता बनर्जी के महाकुंभ पर दिये गये बयान पर CM योगी ने पलटवार करते हुये कहा—”सनातन धर्म भारत की आत्मा है। इसका अपमान करने वाले खुद ही जनता के बीच अस्वीकार्य हो जायेंगे।” उन्होंने कहा कि जब क्रिकेटर मोहम्मद शमी तक श्रद्धा के साथ गंगा में स्नान कर सकते हैं, तो फिर विपक्ष को इसमें क्या आपत्ति है?
महाकुंभ का विरोध करने वाले खुद पहुंचे संगम!
CM योगी ने चुटकी लेते हुये कहा—”जो कल तक महाकुंभ का विरोध कर रहे थे, वे आज गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं!” उन्होंने 2013 के महाकुंभ की याद दिलाते हुये विपक्ष पर कटाक्ष किया कि तब सरकार के मंत्री भी आयोजन स्थल पर जाने से कतराते थे, लेकिन आज सब कुछ बदल गया है।
राम मंदिर और महाकुंभ—विरोध की वही कहानी!
CM योगी ने विपक्ष को याद दिलाया कि जैसे राम मंदिर निर्माण के समय उन्होंने विरोध किया था, वैसे ही आज महाकुंभ पर कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा—”जो सनातन आस्था को नहीं समझ सकते, वे भारतीय संस्कृति का नेतृत्व करने का सपना क्यों देखते हैं?”
संक्रमित सोच का इलाज नहीं!
CM योगी ने अपने संबोधन के अंत में विपक्ष को करारा जवाब दिया—”महान कार्य तीन अवस्थाओं से गुजरते हैं—पहले उपहास होता है, फिर विरोध और अंत में स्वीकृति।” विपक्ष पर प्रहार करते हुये उन्होंने कहा—”जो महाकुंभ का विरोध कर रहे थे, वे भी चुपके से स्नान कर आये। यही सनातन की शक्ति है!”







