Kohramlive : सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के नाम पर बने स्मृति चौक का लोकार्पण समारोह बुधवार को सीएम योगी ने किया। उनके साथ केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नयाघाट बंधा चौराहा अब लता मंगेशकर चौराहा के नाम से जाना जाएगा। चौक के उद्घाटन समारोह में Lata Mangeshkar के भतीजे व बहू भी मौजूद रहे। समारोह को लेकर चौक और कार्यक्रम स्थल रामकथा पार्क को सजाने का काम मंगलवार को दिनभर जारी रहा। लता(Lata Mangeshkar) की आज 93वीं जयंती है। लोकार्पण से पहले लता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद लता के भतीजे आदिनाथ मंगेशकर और बहू कृष्णा मंगेशकर का स्वागत किया गया। लता के गाए भजनों की प्रस्तुति महाराष्ट्र की गायिका सावनी रविंद्र ने दी।

लता मंगेशकर के नाम पर यूनिवर्सिटी भी खुलेगी
सीएम योगी ने कहा कि लता जी के दिन की शुरुआत राम जी की पूजा से होती थी। यह चौक बनना विश्व रिकॉर्ड जैसे है। अयोध्या इतनी विकसित हो रही है, इससे टूरिज्म और आध्यत्मिक विकास होगा। जी किशन रेड्डी ने कहा कि 5 सालों में UP पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाई तय करेगा।
30 दिन में करीब 8.50 करोड़ रुपए लगे
Lata Mangeshkar चौक के कंस्ट्रक्शन को दिखाने के लिए एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी। इसको 30 दिन में करीब 8.50 करोड़ की लागत से बनाया गया है। अयोध्या शोध संस्थान से प्रकाशित ग्लोबल इंसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण के 11 पुस्तकों का विमोचन भी होना है।

लता चौक की खासियत
- 8.50 करोड़ से लता मंगेशकर चौक का निर्माण हुआ है।
- स्मृति चौक पर लता मंगेशकर के भजन गूंजेंगे।
- मां शारदा की वीणा सुर साम्राज्ञी चौक की पहचान होगी।
- वीणा की लंबाई 10.8 मीटर और ऊंचाई 12 मीटर है।
- 14 टन वजनी वीणा को बनाने में 70 लोग लगे।
- कांसा एवं स्टेनलेस स्टील से एक माह में वीणा बनी।
- इस पर सरस्वती व मोर के चित्र उकेरे गए हैं।
- पद्म पुरस्कार विजेता राम सुतार ने वीणा की डिजाइन बनाई है।
- वीणा के साथ-साथ अन्य शास्त्रीय वाद्य यंत्र भी प्रदर्शित हैं।
- लता के जीवन और व्यक्तित्व को चौक में दर्शाया गया है।
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