Giridih : गिरिडीह का ऐतिहासिक झंडा मैदान झामुमो के स्थापना दिवस समारोह का गवाह बना, जहां CM हेमंत सोरेन और उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन ने जनता के बीच अपनी बात रखी। जोश, जुनून और संघर्ष की गूंज के बीच CM ने झारखंड के विकास का संकल्प दोहराया और उन ताकतों को ललकारा जो राज्य के संसाधनों को छल-बल से हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। CM हेमंत सोरेन ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि नीति आयोग ने झारखंड को देश के चार सर्वश्रेष्ठ राज्यों में रखा है, जो अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त कर रहा है। उन्होंने कहा, “हमने गरीबों, किसानों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया है, लेकिन कुछ लोमड़ियां और भेड़िए इस विकास यात्रा में रोड़ा अटका रहे हैं।”
उन्होंने सरकारी योजनाओं में हो रही धांधली का जिक्र करते हुये कहा कि “राज्य की आधी आबादी को सशक्त करने के लिए हमने वित्तीय सहायता भेजी, लेकिन कुछ धूर्त लोग महिलाओं के नाम पर पैसा निकालकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, और हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।” CM ने कहा कि झारखंड को दलदल में धकेलने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन उनकी सरकार राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमने पांच सालों में झारखंड को संभालने का काम किया, अब इसे उड़ान भरने से कोई नहीं रोक सकता।” उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुये कहा, “आज देश की राजनीति ऐसे मोड़ पर है, जहां विकास की चिंता किसी को नहीं है। महंगाई और टैक्स ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, और केंद्र सरकार को इसकी कोई फिक्र नहीं है। लेकिन हम झारखंड को हर हाल में आगे बढ़ायेंगे।”
अब दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे
CM ने बताया कि उनकी सरकार राजधानी रांची से नहीं, बल्कि गांवों से संचालित होगी। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए खुद उनके दरवाजे तक पहुंचेगी। अब जाति, आय, निवासी प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, अधिकारी गांव जाकर प्रमाण पत्र बनायेगे।”
हक नहीं मिलेगा, तो कोयले का ढेला भी नहीं उठेगा
CM ने केंद्र सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुये कहा कि झारखंड को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा, “भारत सरकार के उपक्रमों से हमें 1.36 लाख करोड़ रुपये मिलना है, अगर हमें यह राशि नहीं मिली, तो कोर्ट से लड़ाई लड़ेंगे, नहीं तो कोयला खदानों को बंद कर देंगे। जब तक झारखंड के रैयतों की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक एक ढेला कोयला बाहर नहीं जायेगा।”
कल्पना सोरेन के छलके आंसू
सभा को संबोधित करते हुये गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “पिछले साल इसी मंच पर जब मैं खड़ी थी, तो हेमंत सोरेन हमारे बीच नहीं थे। आज वे हैं, और झारखंड के विकास के लिए काम कर रहे हैं।” उन्होंने जनता के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि झारखंड की सरकार हमेशा “अबुआ सरकार” (हमारी सरकार) ही रहेगी।
झारखंडियों की सोच से चलेगा राज्य
गिरिडीह विधायक और मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि हेमंत सोरेन को जनता ने 56 सीटों का बहुमत दिया है और उन पर भरोसा जताया है। “दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने जिस स्वर्णिम झारखंड की कल्पना की थी, उसे अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है,” उन्होंने कहा। राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि झारखंड की सरकार ने बजट के जरिए साबित कर दिया कि यह वास्तव में झारखंडियों की सरकार है। “यह बजट विकास और समृद्धि की नई राह खोलेगा,” उन्होंने कहा। हेमंत सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि झारखंड अब झारखंडियों की सोच से चलेगा, और इसके विकास में कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी।
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