Jamtada : युवा CM हेमंत सोरेन ने कहा कि पहले की सरकार अधिकारियों को अपने काम के लिये इस्तेमाल करती थी, अब ऐसा नहीं होगा। पूर्व की सरकारों ने यहां की जनता को ठगा, उनके साथ छल किया है। यही वजह है कि आज यहां के लोग गरीब रह गये और राज्य पिछड़ता चला गया। जिस राज्य की पहचान गांव से है, उस गांव को ही पूर्ववर्ती सरकारों ने छोड़ दिया था। गांव के लोगों पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। न उनके विकास पर, न उनके स्वास्थ्य पर और न ही उनकी शिक्षा पर। पर अब ऐसा नहीं होगा। उनकी सरकार केवल जनता के लिये काम करेगी। यहां के अधिकारी जनता के लिये काम करेंगे। उनकी सरकार ने कई योजनाएं चला रखी हैं, जो गांव को शहर तक लाती है। शहर के बराबर खड़ा करती है। हमारे बाप-दादा पढ़े लिखे नहीं थे इसलिए हम ठगे गए। इसलिए अब हमारी सरकार ने हर बच्चे को पढ़ाने का फैसला किया, स्कूल के लेकर विदेश तक पढ़ने का खर्च सरकार उठा रही है। CM हेमंत सोरेन जामताड़ा के नाला प्रखंड के नूतनडीह मैदान में आयोजित “आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार ” कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।

सरकार गिराने में लगा विपक्ष
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र का रवैया झारखंड राज्य के प्रति ऐसा है कि हमारा पैसा वे रखे हुये हैं और देने का नाम नहीं ले रहे हैं। केवल कोयला का पैसा हजार करोड़ से ज्यादा है। अगर यह पैसा मिल गया होता तो राज्य की दिशा-दशा कुछ और होती। CM ने कहा कि जब कभी केंद्र से झारखंड का पैसा मांगते हैं तो विपक्ष साजिश रच सरकार गिराने में लग जाता है। कई तरह की तोहमत लगाये गये। तमाम मुश्किलों के बाद भी सरकार जनता के भले के लिये सोच रही है। उनकी कोशिश है कि यहां की जनता किसी के झांसे में न आयें। भावी युवा पीढ़ी पढ़ाई-लिखाई कर इतने काबिल हो जायें कि वे सही और गलत, झूठ और सच का फैसला कर सके।

विदेशों में राज्य के युवाओं ने की पढ़ाई, अब कर रहे नौकरी
CM हेमंत सोरेन ने पढ़ाई पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा की स्थिति ऐसी थी कि बच्चे-बच्चियां पढ़ाई छोड़ देते थे। महंगाई की मार ऐसी है कि खाने में दिक्कत होने लगी तो पढ़ाई और दूसरी जरूरतें वे कैसे पूरी करते। ऐसे में हमने जनता के दर्द को समझा। आज हम स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन तक का खर्च उठा रहे हैं। राज्य के बच्चों को दुनिया की बेस्ट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए भेजा। कई बच्चे वहां पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं कई नौकरी भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि काम करने वाली सरकार काम कर रही है और विपक्ष को दिख नहीं रहा है। केंद्र अगर हमें हमारा पैसा दे तो पेंशन की राशि भी बढ़ेगी। गैस सिलिंडर भी सस्ता होगा और महंगाई पर नियंत्रण भी हो जायेगा। CM ने कहा कि अब हमारी बेटियां पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी। अब हमारी आने वाली पीढ़ी इतनी सशक्त होगी जो किसी के आगे हाथ नहीं फैलायेगी। वर्तमान सरकार यहां के गरीब, दलित, पिछड़े, किसानों के बच्चों को विदेश में निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। आप लोग अपने अंदर हुनर को विकसित करें। आपकी सरकार आपको विदेश में भी उच्च शिक्षा प्रदान करने का कार्य करेगी।

गांव मजबूत होगा, तभी राज्य मजबूत होगा
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य को मजबूत करना है तो गांव को मजबूत करना होगा। राज्य हमेशा चुनौतियों के साथ आगे बढ़ता रहा है। आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक जीवन भर संघर्ष करते हैं, यही वजह है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में अलग झारखंड राज्य की लम्बी लड़ाई लड़ी गई, परिणाम अलग झारखंड राज्य मिला। CM ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान हर किसी की जरूरत है। राशन कार्डधारियों को अब अनाज के साथ एक किलो दाल भी देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमारे 8 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में असमर्थता दिखाई। लाख कोशिशो के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा आवास आवंटन नहीं किया गया। अब राज्य सरकार ने अबुआ आवास योजना शुरू की है। ताकि जरूरतमंद 8 लाख से अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध हो सके। इसके तहत तीन कमरों का आवास राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर गरीब को 10 रुपए में धोती, साड़ी और लूंगी वर्ष में दो बार उपलब्ध करा रही है।

समस्याओं का समाधान करने में जुटी है सरकार
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि अभी सभी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है, लेकिन सरकार हर दिक्कतों को दूर करने में दिन-रात जुटी हुई है। एक-एक समस्या का समाधान होगा। राज्य अलग होने के बाद 20 वर्ष में मात्र 15 लाख लोगों को पेंशन मिलता था। लेकिन, गुजरे चार साल में उनकी सरकार ने 36 लाख 30 हजार लोगों को पेंशन का लाभ देने का काम किया है। 20 लाख से अधिक किसानों को KCC कार्ड से जोड़ा गया। CM ने कहा कि साईकिल वितरण योजना के तहत DBT के माध्यम से पैसा भेजा जा रहा है। पहले 3500 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब 4500 रुपये दिए जा रहे है। यह राशि बच्चे-बच्चियों के खाते में सीधे जा रहे है। वर्तमान में 80 उत्कृष्ट विद्यालय की शुरूआत की गई है, इसकी संख्या 5 हजार करने की है, ताकि यहां के गरीबों, किसानों के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें।

काजू की खेती को दी जायेगी प्राथमिकता
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां काजू के पेड़ बहुत दिखाई दे रहे हैं। 80 के दशक में संताल परगना काजू के पेड़ से ढका हुआ था। लेकिन उस समय इसका बेहतर इस्तेमाल नहीं हो सका। अब इसे आधुनिक तकनीक से प्रोसेसिंग कर आय में वृद्धि का जरिया बनाया जायेगा। फलदार वृक्ष लगाने पर जोर दिया। जामताड़ा वासियों को 634 करोड़ 30 लाख 34 हज़ार रुपये की दी सौगात दी गई। कुल 92 योजनाओं का तोहफा दिया। 26126 लाभुकों के बीच 18211.5 लाख रुपये की परिसंपत्तियां बांटी गई।
इस अवसर पर नाला विधायक-सह-विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बादल पत्रलेख, जामताड़ा विधायक डॉ० इरफान अंसारी, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, जिला परिषद अध्यक्षा राधा रानी सोरेन, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, संताल परगना प्रमंडल के आयुक्त, जामताड़ा के उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।








