- मेधावी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन जरूरी
- झारखंड सिर्फ खनिज संपदा नहीं बल्कि बौद्धिक क्षमता में भी आगे
Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आज राज्य सरकार ने आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई योजना शुरू की है। मेधावी बच्चों को पुरस्कृत किया जा रहा है। बच्चे चाहे सरकारी स्कूल के हों या फिर CBSE और ICSE बोर्ड के हों… जो पढ़ाई को लेकर गंभीर हैं, उनके उत्साह को मजबूत करना और शिक्षा के प्रति बच्चों को जगाना सरकार का मकसद है। मौका था रांची में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित “पुरस्कार वितरण समारोह” का। समारोह झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में आयोजित की गई थी। मौके पर कुल 130 छात्र-छात्राओं को नवाजा गया। फर्स्ट आने वाले स्टूडेंट्स को तीन लाख, सेकेंड आने वालों को दो लाख और थर्ड आने वालों को एक लाख रुपए की सम्मान राशि दी गई।

बच्चों का उत्साहवर्धन जरूरी : सीएम
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पुरस्कार वितरण योजना का उद्देश्य राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कर रहे बच्चों का उत्साहवर्धन करना है। शिक्षा विभाग ने इस कार्य को आज पूर्ण रूप दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में अच्छे स्कूल तथा शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए पैसों की जरूरत एवं पढ़ाई के लिए लैपटॉप और मोबाइल आवश्यक है। इसके जरिए वे तकनीकी जरूरतें पूरी कर सकते हैं। राज्य सरकार मेधावी छात्र-छात्राओं को आज पुरस्कार के रुप में ये सब जरूरत की चीजें प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इन बच्चों के अभिभावकों को भी सहयोग करने का प्रयास कर रही है, ताकि 10वीं और 12वीं के बाद की सीढ़ी के लिए उन्हें अधिक चिंता करने की जरूरत न पड़े और होनहार बच्चों को मदद मिल सके। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रतियोगिता के इस दौर में यहां के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता देखने को मिली। उसका बेहतर परिणाम देखने को मिला है। आज होनहार बच्चे सम्मानित हुए हैं। इन बच्चों की क्षमता को देखते हुए लगता है, आने वाले दिनों में इससे अधिक संख्या में बच्चे सामने आ सकते हैं। उन सभी बच्चों को सरकार सम्मान देगी ताकि वे बेहतर कर सकें।
झारखंड सिर्फ खनिज संपदा नहीं बल्कि बौद्धिक क्षमता में भी आगे
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड सिर्फ खनिज संपदा पर ही नहीं बल्कि बौद्धिक क्षमता में भी आगे रहने की काबिलियत रखता है। यही वजह है कि जिन बच्चों को सरकार ने निःशुल्क उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा था, वे अब अपने पैर पर खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश पढ़ाई करने गए कई बच्चों ने विदेशों में ही नौकरी पायी है।
मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने 130 छात्र-छात्राओं के बीच 1 करोड़ 32 लाख रूपये की नकद राशि, लैपटॉप और मोबाईल सम्मान स्वरूप प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने दो कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया
इस अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने खिलाड़ियों में बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए आयोजित खेलो झारखण्ड एवं समग्र शिक्षा अभियान के तहत आयोजित कला उत्सव की जानकारी और उपलब्धियों को समेटे कॉफी टेबल बुक का लोकर्पण किया। पुरस्कार वितरण समारोह में राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा प्रेषित संदेश भी पढ़ा गया।

ये रहे मौजूद
पुरस्कार वितरण समारोह में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री वंदना डाडेल, झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार महतो, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, विभागीय सचिव के० रवि कुमार, राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं राज्य भर से पहुंचे पुरस्कृत होने वाले छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

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