Ormanjhi : 2 एकड़ 55 डिसमिल जमीन पर पोजिशन लेने गये जमीन कारोबारी विनायक मिश्रा को आज गांव वालों ने खदेड़ दिया। दिन के 1 बजे के करीब जमीन कारोबारी विनायक मिश्रा कुछ सरकारी मुलाजिमों के साथ ओरमांझी के गगारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों का इल्जाम है कि जमीन कारोबारी विनायक मिश्रा सोहराई जतरा टांड़ शहीद जीतराम बेदिया खेल मैदान (खाता नंबर 02 प्लॉट नंबर 739,40,41 एवं 42) पर कब्जा लेने आये थे। ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध किया। गोलबंद हुए ग्रामीणों ने विनायक मिश्रा एवं सरकारी मुलाजिमों से कहा कि यह उनके पूर्वजों की जमीन है, किसी भी हालत में जमीन पर कब्जा नहीं करने देंगे। इसी बात पर जमीन कारोबारी और ग्रामीणों में अनबन होने लगी।
बात इतनी बिगड़ गई कि ग्रामीणों ने विनायक मिश्रा को लाठी-डंटे के साथ खदेड़ना शुरू कर दिया। किसी तरह पुलिस विनय को बचा अपने साथ थाना ले गई। जमीन कारोबारी विनायक मिश्रा ने थाना में एक लिखित आवेदन दिया है। विनायक मिश्रा का कहना है कि उक्त जमीन के दस्तावेज उनके पास हैं, पर उन्हें जमीन पर पोजिशन नहीं लेने दिया जा रहा है। वहीं गगारी गांव के मुखिया धनराज बेदिया के नेतृत्व में गांव में एक बैठक की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी हालत में गांव में जमीन माफियाओं को पनपने नहीं दिया जायेगा। यह जमीन उनकी पूर्वजों की विरासत है। जमीन माफिया ओरमांझी में कुछ ज्यादा ही एक्टिव हो गये हैं। इल्जाम है कि जमीन कारोबारी विनायक मिश्रा का एक आला पुलिस अधिकारी के साथ गहरे ताल्लुकात हैं। इसी पुलिस अधिकारी के दम पर वो जमीन पर पोजिशन लेने गया था।
बैठक के बाद ग्रामीणों ने जमीन पर एक बोर्ड गाड़ दिया। बोर्ड में लिखा गया है कि यह जमीन बिक्री की नहीं है। इस मैदान में मेला लगता है। यहां खेलकूद सहित कई तरह के प्रतियोगिता आयोजित किये जाते हैं। अंचल के अधिकारी अगर निष्पक्ष तरीके से जांच-पड़ताल करें तो उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा। गरारी गांव के शिव टहल नायक का कहना था कि गलत वंशावली बनाकर फर्जी तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री का गोरख धंधा चल रहा है। ग्रामीणों ने बैठक में अंचल अधिकारी से मांग किया है कि कृष्णा बरई पिता स्वर्गीय झुब्रा बरई के फर्जी कागजात को अविलंब रद्द करे। गांव के श्मशान घाट और जंगल- झाड़ को भी जमीन दलाल कब्जा करने के फिराक में जुटे हैं।
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