Kohramlive : केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे सेक्टर को लेकर बड़ा और दूरगामी ऐलान किया है। सरकार देशभर में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने जा रही है, जिन्हें शहरों के बीच “ग्रोथ कनेक्टर” के तौर पर विकसित किया जायेगा। इन कॉरिडोर के जरिये तेज, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली-वाराणसी से लेकर बंगलूरू-चेन्नई तक फैला यह नेटवर्क उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल सकता है। इन सात हाई-स्पीड कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बंगलूरू और बंगलूरू-चेन्नई रूट शामिल हैं। खास बात यह है कि दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर पर काम काफी आगे बढ़ चुका है और इस रूट पर 2029 के आसपास बुलेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिये उत्तर भारत को पूर्व और पूर्वोत्तर भारत से हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने की तैयारी है।
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दक्षिण और पश्चिम भारत के कॉरिडोर—मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बंगलूरू और बंगलूरू-चेन्नई—देश के बड़े औद्योगिक, आईटी और आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगे। इनमें से कई रूट्स की डीपीआर तैयार हो चुकी है, सर्वे और पर्यावरणीय आकलन का काम भी आगे बढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि इन हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स से यात्रा का समय घटेगा, प्रदूषण कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। कुल मिलाकर, बजट 2026 का यह ऐलान भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।






