Kohramlive : हंसी की दुनिया के बेताज बादशाह, बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन असरानी नहीं रहे। 84 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कुछ दिनों से वह बीमार थे और Arogya Nidhi Hospital में भर्ती थे। आज शाम चार बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके मैनेजर बाबू भाई ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। बताया गया कि असरानी फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे थे, फेफड़ों में पानी भर जाने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई। दिवाली की शाम ही सांताक्रूज के शांतिनगर स्थित श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। फूलों और अश्रुओं के बीच वह पंचतत्व में विलीन हो गये।
जयपुर से मुंबई तक एक रोशन सफर
1 जनवरी 1941 को जयपुर में जन्मे गोवर्धन असरानी ने अपने अभिनय और कॉमेडी के जादू से देशभर के दिलों में जगह बनाई। उन्होंने 1960 के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखा। 400 से अधिक फिल्मों में काम किया और हंसी को लोगों के दिलों में गढ़ दिया। Bawarchi, Chupke Chupke और Khatta Meetha में उनका अंदाज आज भी बेमिसाल माना जाता है। Sholay में “अंग्रेजों के जमाने के जेलर” के रूप में उनका डायलॉग डिलीवरी और एक्सप्रेशन सिनेमा के इतिहास में अमर हो गया। असरानी सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, वो एक एहसास थे, जो फिल्मी परदे पर आते ही चेहरों पर मुस्कान छोड़ जाते थे। उनकी कॉमिक टाइमिंग, सादगी भरा अंदाज और चमकती आंखों की शरारत, अब सिर्फ यादों में बसी रहेगी।
फिल्म जगत में शोक की लहर
असरानी के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़े-बड़े कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। “आज हमने सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि हंसी की परंपरा खो दी है।” यह भावना हर उस शख्स की ज़ुबां पर है जिसने असरानी को परदे पर देखा। असरानी का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक गहरी क्षति है। लेकिन उनका हंसी भरा चेहरा, उनका अंदाज और उनके डायलॉग, हर दीपावली, हर सिनेमा प्रेमी के दिल में हमेशा रोशनी बिखेरते रहेंगे। “कुछ लोग जाते हैं, पर उनकी हंसी कभी नहीं जाती।”






