रांची : ब्लैक फंगस झारखंड में भी महामारी घोषित। सीएम हेमंत सोरेन ने मंगलवार 15 जून को इसकी इसे महामारी घोषित कर दिया। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की उस अपील के करीब एक महीना बाद ये घोषणा की, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने के लिए कहा गया। केन्द्र सरकार ने ब्लैक फंगस के मरीजों की त्वरित पहचान कर उनके उपचार के लिए चेक लिस्ट जारी की है। इसके तहत जिस किसी अस्पताल में कोविड मरीजों का उपचार किया जाता है, वहां कोविड मरीजों के साथ-साथ ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीजों की नियमित रूप से गहन जांच का आदेश दिया गया है।
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राज्य के 18 जिलों तक ब्लैक फंगस का प्रसार हो चुका है। इनमें सात जिले रांची, रामगढ़, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह, गढ़वा और पूर्वी सिंहभूम जहां रेड जोन में आ गए हैं, वहीं पांच जिले बोकारो, चतरा, धनबाद, गोड्डा और कोडरमा येलो जोन में हैं। देवघर दुमका, गुमला, जामतारा, लातेहार व साहेबगंज ग्रीन जोन में है। रेड जोन में मरीजों की संख्या 5 से अधिक है, वहीं येलो जोन में 3 से 5, जबकि ग्रीन जोन में 3 से कम मरीज हैं।
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ब्लैक फंगस के लक्षण
लगातार बुखार, सिरदर्द, नाक जाम, नाक का बहना, चेहरे में सूजन व दर्द, चेहरे के स्किन का रंग बदलना, दांत में ठीलापन, आंखों में सूजन/लाली/डबल विजन/दर्द/कम दिखना/पलक ज्यादा झपकना है।














