Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग की धरती पर एक मासूम जिंदगी खामोश हो गई। चौपारण प्रखंड के जमुनीतरी गांव की 15 वर्षीय पूजा कुमारी बिरहोर समुदाय की कोमल कली, जिसे बचाया जा सकता था, लेकिन लापरवाहियों के जाल ने उसे जिंदगी से छीन लिया। पिता झमन बिरहोर की आंखों में उम्मीद थी, जब बेटी को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। पर इमरजेंसी वार्ड से सीधा मेडिसिन वार्ड में धकेल दिया गया, जहां न डॉक्टर थे, न दवाइयां, सिर्फ इंतजार था। ग्यारह घंटे तक अस्पताल की दीवारें बेटी की कराह सुनती रहीं, पर किसी ने उसकी ओर न देखा।
आखिरी सांस और टूटता आसमान
सिर्फ कुछ गोलियां, एक सलाइन और फिर 3.46 बजे अस्पताल के सन्नाटे में पूजा की सांसें थम गईं। पिता के सामने बेटी का सपना बुझ गया और मां की गोद सूनी हो गई। इस मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की असंवेदनशीलता को नग्न कर दिया। गरीब और पिछड़े बिरहोर समुदाय की चीख, प्रशासन की चुप्पी और अस्पताल की बेरुखी तीनों ने मिलकर यह त्रासदी लिखी। शोक में डूबे परिवार ने जिला उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि उच्च स्तरीय जांच हो और उन गुनहगारों को सजा मिले, जिनकी बेरुख़ी ने पूजा की जान ली।
इसे भी पढ़ें : असम में JMM का दम, CM हेमंत ने जताया आभार… जानें
इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में मुकाबला दिलचस्प, ममता से आगे निकले सुवेंदु, अंतर… जानें
इसे भी पढ़ें : तपती धरती पर सरकार का अलर्ट, CM ने दिया ये आदेश…
इसे भी पढ़ें : एक बाल्टी पानी को लेकर मा’रधाड़…
इसे भी पढ़ें : बाघमारा CHC में नवजात की मौ’त पर बवाल…






