Kohramlive Desk : केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2023 से भारत में 900 दवाओं के दामों में बदलाव किया है। ये बदलाव Wholesale Price Index के 12% पर पहुंचने की वजह से किया गया था। Wholesale Price Index यानी WPI होलसेल बाजार में खरीदे और बेचे जाने वाले सामान में होने वाले बदलावों को दर्शाता है, जिसके आधार पर भारत में भी सामान का दाम तय होता है। अब देश के सभी राज्यों में पेनकिलर, एंटीबायोटिक, एंटी-इन्फेक्टिव और कार्डियक की दवाएं पिछली कीमत से 12 प्रतिशत ज्यादा में बेची जाएगी।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने सफाई दी कि तकरीबन 651 दवाओं के दाम औसतन 6.73% कम हुए हैं। सरकार ने साफ किया कि WPI के आधार पर दवाओं के दाम तय करने का फैसला 2013 में लिया गया था। Drug Price Control Order यानी DPCO में 2013 में यानी यूपीए (UPA) के शासन के दौरान ये फैसला किया गया था कि दवाओं के दामों को WPI में होने वाले उतार चढ़ाव के आधार पर तय किए जाएंगे।
इन दवाओं के बढ़ गए दाम, ये होंगे सस्ते
सरकार ने ये भी बताया कि पिछले वर्ष सितंबर में हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के इलाज की दवा एमलोडिपिन (Amlodipine) की एक टैबलेट की कीमत पहले 3 रुपए 30 पैसे थी जो अब 2 रुपए 50 पैसे हो गई है। यही दवा जन औषधि स्टोर पर केवल 50 पैसे की मिलती है। पॉपुलर ब्रांडेड एंटीबायोटिक दवा ऑगमेंटिन (Augmentin) की एक गोली की कीमत पहले 22 रुपए 20 पैसे थी, जो अब 19 रुपए की हो चुकी है। ये दवा जेनेरिक दवा के स्टोर यानी जन औषधि स्टोर पर 9 रुपए प्रति गोली मिलती है। डायबिटीज (Diabetes) के इलाज में आने वाली दवा मेटफॉरमिन (Metformin) की एक गोली पहले 4 रुपए 50 पैसे की मिलती थी अब 5 रूपए की हो गई है। इसमें पहले के मुकाबले 50 पैसे बढ़े हैं, हालांकि जन औषधि स्टोर पर इसी दवा की एक गोली 1 रुपए 30 पैसे की मिलती है।
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