Kohramlive : तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। 52 साल के गुनहगार रामकृष्णन पेशे से ज्योतिषी था और पूजा-पाठ के जरिये “समस्याओं का समाधान” करने का दावा करता था। नवंबर 2021 में एक मां अपनी 18 और 14 साल की बेटियों की पढ़ाई को लेकर चिंतित होकर उसके पास पहुंची। उम्मीद थी कि शायद कोई राह निकलेगी। लेकिन यह उम्मीद ही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। आरोपी ने महिला से कहा कि वह दूसरे कमरे में इंतजार करे और दोनों बेटियों को अलग कमरे में ले गया। वहीं, उसके खिलाफ आरोप है कि उसने दोनों लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न किया और उन्हें धमकाया कि अगर किसी को बताया तो परिवार को नुकसान होगा। डर और खामोशी ने इस दर्द को लंबे समय तक दबाकर रखा।
बीमारी ने खोला राज, सच आया सामने
करीब दो साल बाद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण जब लड़कियों की मेडिकल जांच हुई, तब सच्चाई सामने आई। हैरान माता-पिता ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई और मामला तिरुपत्तूर ऑल विमेन पुलिस स्टेशन में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ। इसके बाद अरेस्ट को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की सुनवाई शिवगंगा जिला पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। फैसला सुनाते हुये न्यायाधीश गोकुल मुरुगन ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 200 साल की जेल और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, अदालत ने तमिलनाडु सरकार को आदेश दिया कि दोनों पीड़ित लड़कियों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाये।








