कोहराम लाइव डेस्क : इस साल 29 मार्च को रंगों का पर्व होली है। फागुन के महीने में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि यानी 28 मार्च को होलिका दहन है। उल्लेखनीय है कि ज्योतिषीय दृष्टि से होली से ठीक 8 दिन पहले का समय होलाष्टक कहा जाता है। यह होलिका दहन के दिन तक जारी रहता है। इन दिनों में किसी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। हमारी परंपरा में इन 8 दिनों को अशुभ माना जाता है। इस दौरान भगवान शिवजी और कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि विधि विधान के साथ इनकी पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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हवन का है विशेष महत्व
होलाष्टक के समय अपने घर या ऑफिस में हवन करवाना शुभ है। इस हवन में जौ, तिल और शक्कर को शामिल करें। ऐसा करने से व्यवसाय और नौकरी में सफलता मिलती है। इसके अलावा होलाष्टक के दौरान हवन करवाने से पैसों की दिक्कत दूर होती है। धन की प्राप्ति होती है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से हर तरह के रोग से छुटकारा मिलता है और सेहत अच्छी रहती है।
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करें हनुमान चालीसा का पाठ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर जीवन में कई तरह की बाधाएं आ रही हों, कोई भी काम समय पर पूरा न हो रहा हो तो होलाष्टक के दौरान हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना लाभकारी हो सकता है। इस उपाय से जीवन में खुशियां आती हैं।






