Kohramlive : सनातन परंपरा में हर शुभ कार्य से पहले सही मुहूर्त (Shubh muhurt) का चयन करना जरूरी माना जाता है, ताकि सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का वास बना रहे। अप्रैल 2025 का महीना खास है, क्योंकि इस महीने कई मांगलिक कार्यों के लिये अत्यंत शुभ मुहूर्त हैं। अगर आप अपने घर में खुशियों की पहली दस्तक देना चाहते हैं या अपने नन्हे मुन्ने के पहले अनुष्ठान की तैयारी कर रहे हैं, तो इन तिथियों को जरूर ध्यान में रखें।
नामकरण संस्कार: बच्चे के नाम में छिपी होती है उसकी पहचान और भाग्य का आधार। अप्रैल में 2, 3, 6, 10, 13, 14, 16, 20, 21, 23, 24, 25, 30 ये तिथियां आपके शिशु के नामकरण के लिए अत्यंत शुभ रहेंगी।
मुंडन संस्कारः मुंडन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह बच्चे की सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाता है। 14, 17, 23, 24 अप्रैल को मुंडन कराना शुभ रहेगा।
अन्नप्राशन संस्कारः जब नन्हें कदम ठोस आहार की ओर बढ़ते हैं, तो माता-पिता इस शुभ घड़ी को खास बनाना चाहते हैं। 2, 10, 14, 25, 30 अप्रैल इस संस्कार के लिये उत्तम तिथियां मानी गई हैं।
कर्णवेध संस्कारः बच्चों के कान छिदवाने की परंपरा सिर्फ शारीरिक लाभ ही नहीं, बल्कि धार्मिक मान्यता से भी जुड़ी होती है। 3, 5, 13, 21, 26 अप्रैल कर्णवेध के लिए उत्तम तिथियां हैं।
उपनयन संस्कारः यज्ञोपवीत यानी जनेऊ संस्कार से एक बच्चे का बाल्यकाल से ब्रह्मचर्य जीवन में प्रवेश होता है। इस पवित्र कार्य के लिए 2, 7, 9, 13, 14, 18, 30 अप्रैल अत्यंत शुभ मानी गई हैं।
गृह प्रवेशः नया घर सिर्फ चार दीवारों से नहीं बनता, बल्कि इसमें बसी होती हैं अनगिनत भावनाएं, सपने और खुशियां। अगर आप अपने सपनों के घर में प्रवेश करना चाहते हैं तो 30 अप्रैल सबसे शुभ तारीख मानी जा रही है। इस दिन गृह प्रवेश करने से घर में सुख-समृद्धि का वास रहेगा। अगर आप अपने जीवन के इन विशेष क्षणों को सबसे शुभ और मंगलकारी बनाना चाहते हैं, तो इन तिथियों को ध्यान में रखें। धर्म और ज्योतिष में विश्वास रखने वालों के लिये यह महीना कई शुभ अवसर लेकर आ रहा है।
(ध्यान दें: ये तिथियां सामान्य मुहूर्त के आधार पर दी गई हैं, किसी विद्वान पंडित से अपनी कुंडली अनुसार मुहूर्त निकलवाना सर्वोत्तम रहेगा।)
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