Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र के सगमा गांव की भुइयां टोली में शुक्रवार को हुई बेदखली की कार्रवाई के विरोध में दर्जनों परिवार सड़क पर आ गये। घर उजड़ने के दर्द के साथ, छोटे–छोटे बच्चों और बिखरे सामान को लेकर पीड़ितों ने सगमा–धुरकी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। नतीजा, घंटों तक आवागमन ठप रहा। सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी रही। बताया गया कि यह बेदखली की कार्रवाई नगर ऊंटारी सिविल कोर्ट (सीनियर डिवीजन) के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट के नजीर रवि किशोर सिंह, अंचल अमीन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब एक एकड़ दस डिसमिल भूमि खाली कराई गई। इस जमीन पर करीब 16 भुइयां परिवार बसे थे। जिन्हें हटाकर आदिवासी बैगा समुदाय को दखल दिलाया गया। बेदखल परिवारों का दर्द का कहना है कि “हम तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। अगर जमीन विवादित थी, तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हम सभी को आवास निर्माण की चेक स्लिप कैसे मिली?” पीड़ितों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुये पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
विरोध में सड़क पर बैठे लोगों का गुस्सा उबाल पर था। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था कि कड़ाके की ठंड में हम अपने छोटे बच्चों और सामान के साथ कहां जायें? जब तक प्रशासन हमारे पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं करता,
हम सड़क नहीं छोड़ेंगे।” सड़क जाम की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। पीड़ितों के समर्थन में डटे रहे। सगमा मुखिया तेज राम, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव, उप मुखिया मंगलेश यादव, पूर्व बीडीसी अजय यादव, हनुमंत प्रसाद यादव सहित कई लोगों ने एक सुर में कहा कि “कानून अपनी जगह, लेकिन मानवीय आधार पर इन गरीब परिवारों का तत्काल पुनर्वास होना चाहिये।”
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