UP : यूपी के पीपीगंज के प्रिया हत्याकांड ने तीन-तीन परिवारों की नींव हिला कर रख दी। कहीं मां की मौत से बेटा अनाथ हुआ, तो कहीं जेल की सलाखों ने मासूमों का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया। हत्या की शिकार 35 साल की प्रिया शेट्टी मुंबई के वडाला की रहने वाली थी। उसकी मौत से मुंबई में रह रहे बेटे के सिर से मां का साया उठ गया। वहीं आरोपी दंपती विजय-संध्या के तीन बच्चों का भविष्य भी संकट से घिर गया। आरोपी विजय और संध्या के तीन बच्चे—दो बेटियां, एक बेटा है। शहर आने से पहले एक बेटी और दो साल के बेटे को मुंबई में बड़े भाई के घर छोड़ा, वहीं, बड़ी बेटी प्रिया को साथ गोरखपुर ले आये। वारदात के बाद बड़ी बेटी नानी के पास चली गई, बाकी बच्चे मुंबई में बेसहारा हो गये। तीसरे आरोपी रामबिलास के परिवार पर भी संकट है। छोटी बेटी पीपीगंज में ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। परिवार की माली हालत पूरी तरह पेंशन पर निर्भर है।
पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा
बीते 30 जनवरी को बरघट्टा पुल के नीचे प्रिया का निर्वस्त्र शव मिला था। पहचान छिपाने के लिये चेहरा ईंट से कूच दिया गया था। गोरखपुर पुलिस ने शक के आधार पर विजय कुमार साहनी उसकी पत्नी संध्या साहनी और ससुर रामबिलास को उठा लिया। विजय मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। वहीं प्रिया से प्रेम संबंध हो गया और फिर दोनों लिव-इन रिलेशन में रहने लगे। प्रिया घर चलने का दबाव बनाने लगी। विजय मुंबई छोड़कर भाग आया। पीछा करते हुये प्रिया पीपीगंज पहुंची। यहां सच सामने आया कि विजय शादीशुदा और उसके बच्चे भी है। घरेलू कलह बढ़ा और हत्या की साजिश रची गई। प्रिया को मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिये विजय ने अपना सिर मुंडवाया, दाढ़ी-मूंछ कटवाई और उसकी पत्नी ने कपड़े नदी में फेंके, लेकिन CCTV और सर्विलांस ने सब राज खोल दिया। स्कूटी ट्रेस हुई और पुलिस ससुर रामबिलास तक पहुंच गई। गिरफ्तार पति-पत्नी और ससुर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।








