नई दिल्ली : दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुए हिंसा के बाद किसानों का आंदोलन कमजोर पड़ने लगा था। आंदोलन को मजबूती देने के लिए लगातार बैठकें की जा रही है। अब पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। इन पंचायतों का मुख्य उद्देश्य आंदोलन को धार देना है। महापंचायत के बाद अब किसान पूरी मजबूती से एक बार फिर दिल्ली कूच कर रहे हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी किसानों को प्रदेश में घुसने से रोकने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया है। किसानों के बढ़ते संख्या बल को देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर रातोरात 12 लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही नुकीले तार भी लगाए गए हैं, ताकि किसानों की भीड़ अचानक से इसके पार नहीं आ सके। साथ ही दिल्ली पुलिस के जवान समेत केंद्रीय बलों को भी तैनात किया गया है। एनएच 24 को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। नोएडा सेक्टर 62 से अक्षरधाम जाने वाले रास्ते को भी पूरी तरह बंद किया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किसानों और मेरे बीच बस एक कॉल की दूरी वाले बयान पर भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कहा है, उसका स्वागत करते हैं, हमारी तो बस यही मांग है कि तीनों काले कानून वापस लिए जाएं और MSP पर कानून बनाया जाए। नरेश टिकैत ने हरियाणा में इंटरनेट की पाबंदी की भी आलोचना की है। किसान आंदोलन को धार देने के लिए अब किसान नेताओं ने यूपी और हरियाणा में किसान महापंचायत करने का ऐलान किया है।
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