- पंजशीर पर हमला करने पहुंचे तालिबानी लड़ाके, जवाबी हमले में कई ढेर
Kabul: 30 अगस्त की देर रात तक अमेरिकी सेना ने पूर्ण रूप से अफगानिस्तान को छोड़ दिया। इसके बाद तालिबान का असली चेहरा सामने आने लगा। उसका ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है।जैसे ही अमेरिका काबुल से अपना आखिरी विमान रवाना कर रहा था, तालिबान के लड़ाकों ने पंजशीर पर हमला बोल दिया। इस क्रम में तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे नॉर्दर्न एलायंस ने दावा किया है कि तालिबान के लड़ाकों ने पंजशीर घाटी में घुसने की कोशिश की। दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। इस संघर्ष में तालिबान के 7-8 लड़ाके मारे गए हैं। काबुल एयरपोर्ट पर अब तालिबान का कब्जा है। अमेरिका का अंतिम विमान काबुल से रवाना होने के बाद तालिबान ने हवाई फायरिंग कर,पटाखे जला अपनी जीत का जश्न मनाया। तालिबान ने दावा किया कि जल्द ही माहौल शांत होगा और सबकुछ कंट्रोल में आ जाएगा। तालिबान ने लोगों से काम पर लौटने को कहा है।
अफगानिस्तान: पंजशीर घाटी पर तालिबान नहीं कर सका है कब्जा
नॉर्दर्न एलायंस के अनुसार, उनके भी दो लड़ाके इस लड़ाई में मारे गए हैं।तालिबान ने पूरे मुल्क पर कब्जा कर लिया है, लेकिन वह अभी तक पंजशीर को अपने काबू में नहीं कर पाया है। यहां पर अहमद मसूद की अगुवाई में नॉर्दर्न एलायंस के लड़ाकों ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है। शेर-ए-पंजशीर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद और अफगानिस्तान के कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह की अगुवाई में नॉर्दर्न एलायंस द्वारा तालिबान के खिलाफ मोर्चा खोला गया है।
बातचीत की कोशिशें जारी
दोनों ओर से बातचीत की कोशिशें भी की जा रही हैं। तालिबान ने बीते दिनों दावा किया था कि वह पंजशीर के लोगों से बात कर रहा है। नॉर्दर्न एलायंस के अहमद मसूद ने साफ किया था कि वह तालिबान से बातचीत के लिए तैयार हैं।साझा सरकार को लेकर भी चर्चा है, लेकिन अगर तालिबान जंग चाहेगा, तो जंग भी लड़ी जाएगी।














