Bihar : बिहार की सियासत फिर उस मोड़ पर खड़ी है जहां खून, सत्ता और सवाल, तीनों आमने-सामने हैं। मोकामा कांड ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता सूरजभान सिंह ने इस घटना को “लोकतंत्र की हत्या” करार देते हुये सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने की मांग की है। राजद प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह ने कहा कि इस निर्मम हत्याकांड ने चुनाव आयोग की साख पर सवाल खड़ा कर दिया है। दुनिया देख रही है कि लोकतंत्र के पर्व में एक इंसान को कैसे सरेआम मार दिया गया। पूरा देश इस घटना से हिला है। मैं मांग करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच आयोग बने, ताकि सच्चाई सामने आये। उन्होंने आगे कहा कि यह घटना सिर्फ हत्या नहीं, लोकतंत्र का अपमान है। सूरजभान ने सवाल उठाया कि घटना के वक्त मोकामा में हजारों लोग मौजूद थे, फिर सुरक्षा बल कहां थे? प्रत्याशियों को सुरक्षा क्यों नहीं मिली? सरकार और आयोग दोनों जवाबदेह हैं। वहीं, जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह द्वारा लगाये गये आरोपों पर सूरजभान ने बेपरवाही से कहा कि “कौन मेरा नाम लेता है, यह सब छोड़िये। जनता सब जानती है, पुलिस सब जानती है। हम वहां नहीं थे, हमारे लोग नहीं थे। वहां तो जनसुराज और जदयू प्रत्याशी मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह बिहार का दुर्भाग्य है कि सत्ता और सियासत, दोनों की बदनामी साथ हो रही है। इस पर पक्ष-विपक्ष को मिलकर निर्णय लेना चाहिये। अनंत सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह सब मेरे खिलाफ साजिश है। राजद प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। जनता सब देख रही है, सच सामने आयेगा। इस हत्याकांड में अनंत सिंह, उनके दो भतीजे रणवीर सिंह और कर्मवीर सिंह, तथा करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह के नाम FIR दर्ज किया गया है। इधर, मृतक दुलारचंद यादव की अंतिम यात्रा में जनसुराज समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 11 बजे निकली यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल थे, कई के हाथों में लाठी-डंडे थे, और भीड़ “अनंत सिंह को फांसी दो!” के नारे लगा रही थी। पंडारक क्षेत्र में दुकानों के शटर बंद हैं और माहौल तनावपूर्ण है। वहीं, वीणा देवी अपने समर्थकों के साथ पोस्टमॉर्टम के लिये ट्रैक्टर पर सवार होकर निकलीं, दृश्य भावनाओं से भरा था।










