Hazaribagh(Sunil Sahu) : जंगल से निकलकर जब हाथी आबादी की ओर बढ़ते हैं, तो सिर्फ रास्ते नहीं बदलते लोगों की नींद, खेती और जिंदगी भी दांव पर लग जाती है। इन्हीं चिंताओं को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में DC शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक अहम जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मकसद साफ था हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा और जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना। बैठक में पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी मौन प्रकाश ने कहा कि हाथियों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिये जन-जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि हाथी से मृत्यु, फसल क्षति, अनाज भंडारण और मकानों के नुकसान की स्थिति में सरकार की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मुआवजा से जुड़े लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित करें। मृत्यु के मामलों में FIR की प्रति तत्काल वन विभाग को उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
हाथियों की आवाजाही की जानकारी समय पर आम लोगों तक पहुंचे, इसके लिये माइकिंग और अन्य त्वरित सूचना माध्यमों के उपयोग पर बल दिया गया। DFO ने बताया कि सरकार द्वारा विकसित “Hamar Haathi 2.0” मोबाइल एप के जरिये हाथियों की लोकेशन की सटीक जानकारी मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों और आम नागरिकों से इस एप को डाउनलोड कर उपयोग करने की अपील की।
24×7 कंट्रोल रूम, सुरक्षा की सीधी लाइन
DC शशि प्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि हाथी प्रकोप से लोगों को सुरक्षित रखने के लिये प्रशिक्षु IFS को जिला नियंत्रण कक्ष का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहेगा। मुखिया और ग्रामीणों तक तत्काल सूचना पहुंचाई जायेगी, ताकि समय रहते सतर्कता बरती जा सके। DC शशि प्रकाश सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाथी से जुड़े मामलों को गंभीरता से लें, मुआवजा भुगतान में कोई देरी न हो और हाथी कॉरिडोर क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाये। बैठक में हजारीबाग के SP अंजनी अंजन, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता, सहित विभिन्न विभागों के आला पदाधिकारी मौजूद थे।








