Hazaribagh (Sunil Sahu) : कागजों में दर्ज पहचान ही नागरिक की पहली और आखिरी सरकारी पहचान होती है। इसी सोच के साथ टाटीझरिया प्रखण्ड कार्यालय सभागार में आजजन्म–मृत्यु निबंधन एवं प्रमाण पत्र से संबंधित एक दिवसीय प्रखण्ड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण हजारीबाग के DC के निर्देश पर आयोजित हुआ, जिसका मकसद था, समयबद्ध निबंधन, त्रुटिरहित ऑनलाइन प्रविष्टि, वहीं,आम लोगों को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवा देना।
प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, टाटीझरिया की मौजूदगी में हजारीबाग के जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने जन्म–मृत्यु निबंधन से जुड़े अहम बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समय पर जन्म–मृत्यु पंजीकरण का महत्व, ऑनलाइन पोर्टल पर सही प्रविष्टि की प्रक्रिया, प्रमाण पत्र निर्गमन की विधि, विलंबित निबंधन के नियम, लागू कानून व नियमावली की स्पष्ट व्याख्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जन्म–मृत्यु निबंधन सिर्फ कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह नागरिक अधिकार, सामाजिक जिम्मेदारी और शासन की रीढ़ है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि सरकारी योजनायें, जनगणना, नीति निर्माण, विकास योजनायें, सब कुछ सटीक आंकड़ों पर ही टिका होता है। इसलिये निबंधन में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिये। मौके पर टाटीझरिया PHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक, सभी पंचायत सचिव–सह–रजिस्ट्रार (जन्म–मृत्यु), सभी आंगनबाड़ी सेविका–सह–सूचक एवं विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि, विशेषकर मुखिया मौजूद थे।










