UP : यूपी के प्रतापगढ़ के सगरासुंदरपुर की एक सुबह खामोशी से दर्द की दास्तां लेकर आई। एक ही परिवार के तीन लोग मां, बेटा और बहू कमरे में मृत पाये गये। बिस्तर पर मां के शव से लिपटा छह महीने का मासूम बेटा कार्तिक बस रोता रहा और कोई जवाब देने वाला नहीं था। पुलिस को शक है कि तीनों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। बेड के पास मिठाई, जूस, आम, सब्जी, रोटी-चावल और कोल्ड ड्रिंक मिले हैं। मुंह और नाक से झाग निकलना इस बात की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि, कोई जहर का पैकेट नहीं मिला, जिससे फूड प्वाइजनिंग की भी आशंका जताई जा रही है। घरवालों का कुछ लोगों के साथ जमीन विवाद चल रहा था। दो शख्स शक के दायरे में हैं, इन दोनों के नाम पुलिस को बता दिये गये हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
झाड़फूंक करने वाले की भूमिका संदिग्ध
सूत्रों का दावा है कि मृतक अंकित को झाड़फूंक पर अंधविश्वास था। उसकी शादी और हर आयोजन में एक खास तांत्रिक मौजूद रहता था। घटना की रात भी अंकित ने उससे फोन पर बात की थी। बच्चे के हाथ-पैर में बंधे काले धागे और झाड़फूंक वाले की लोकेशन जिले से बाहर मिलने पर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। परिवार की सबसे बुज़ुर्ग यशोदा देवी नीचे के कमरे में सो रही थीं। जब दूधवाला आया और दुकान का शटर आधा खुला देखा, तो आवाजें लगाईं, जवाब नहीं मिला। जब पड़ोसी अशोक जायसवाल और दूधवाले ने अंदर झांका, तो तीनों के शव और गोद में बिलखता मासूम देखकर उनके होश उड़ गये। मासूम की जान बच गई, बच्चे कार्तिक को पुलिस और रिश्तेदार लालगंज सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसकी हालत सामान्य बताई। बेटी, नाती और बहू की लाशों को देखकर यशोदा देवी बस पथराई आंखों से सब देखती रहीं। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन इतना जरूर समझ रही थीं कि अब कोई नहीं बचा। SP अनिल कुमार ने मीडिया को बताया कि सभी एंगल से जांच जारी है। विसरा सुरक्षित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद सच सामने आयेगा।








