Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में सगे भाई की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुये चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसला शिवनाथ त्रिपाठी की अदालत ने सुनाया। दोषी करार दिये गये आरोपियों- लक्ष्मण सिंह, दशरथ सिंह, बैजनाथ सिंह और जगरनाथ सिंह को भादवि की धारा 302 के तहत उम्रकैद के साथ प्रत्येक पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया गया।
‘डायन-भूत’ के शक में ली भाई की जान
घटना 20 नवंबर 2019 की है। अभियोजन के मुताबिक, भरत सिंह की हत्या अंधविश्वास के चलते की गई। आरोप था कि वे और उनकी पत्नी ‘डायन-ओझा’ हैं। 21 नवंबर को कंडारही नाला के पास भरत सिंह का गमछा मिला और बाद में पानी से शव बरामद हुआ। शरीर पर गहरे चोट के निशान थे और दोनों कान कटे हुये थे जो वारदात की बर्बरता बयां कर रहे थे। मृतक की पत्नी सरिता देवी ने प्राथमिकी में बताया कि घटना से 10 दिन पहले आरोपियों ने भंडरिया से एक ‘भगत’ बुलाया था। विरोध करने पर भरत सिंह को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। अदालत ने 12 गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह माना कि हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई। अदालत ने कहा कि अंधविश्वास के नाम पर की गई ऐसी हत्यायें समाज के लिए कलंक हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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