Ranchi : राजधानी रांची के थर्ड स्ट्रीट, हिंदपीढ़ी का वातावरण उस वक्त भावनाओं से भीग गया, जब झारखंड तंजीम के प्रांगण में बुजुर्गों और जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कुराहट लौट आई। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 70 से अधिक लोगों को व्हीलचेयर, कान की मशीन, कमर बेल्ट, कुशन, घुटना बेल्ट और छड़ी जैसी जीवन-ज़रूरी चीजें निशुल्क दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुफ्ती कमरे आलम की तिलावत-ए-कुरान से हुई। रूहानी सन्नाटे में जब पहली आवाज गूंजी, तो मानो करुणा और सेवा का आसमान खुल गया हो।
मंत्री बोले, सेवा सबसे बड़ा इबादत है
मुख्य अतिथि की हैसियत से कार्यक्रम में पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जब कोई जरूरतमंद को सहारा देता है, तो वह केवल इंसान की नहीं, इंसानियत की सेवा करता है। इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं।उन्होंने झारखंड तंजीम के सभी पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। “देश में दूसरा स्थान हमने हासिल किया है, अब लक्ष्य नंबर वन बनना है। जल्द ही राज्य के हर जिले में रीहैब सेंटर स्थापित किये जायेंगे, जहां दिव्यांगों और जरूरतमंदों के लिये आधुनिक सुविधायें उपलब्ध होंगी।
हम सिर्फ संगठन नहीं, एक एहसास हैंः शमशेर आलम
झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थे। शमशेर आलम ने कहा कि झारखंड तंजीम एक सामाजिक परिवार है, जो शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में वर्षों से काम कर रहा है। आज का आयोजन उस प्रतिबद्धता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि तंजीम का उद्देश्य है “जहां कोई जरूरतमंद हो, वहां मदद पहुंचाना।” कार्यक्रम में अरशे आलम उर्फ पप्पू तनवीर आलम (अध्यक्ष, वीकर सोसाइटी), फहीमुद्दीन सरवर, मुफ्ती कमरे आलम, कारी अंसार उल्लाह, महबूब हुसैन, बंटी, अतिकुर रहमान, पूर्व पार्षद जमील अख्तर, एजाज आलम, शाहबाज आलम समेत कई समाजसेवी मौजूद रहे। इस पूरे आयोजन की जानकारी झारखंड तंजीम के प्रवक्ता डॉ. फिरोज अहमद ने दी।
इसे भी पढ़ें : 62 IPS अफसर इधर से उधर… देखें पूरी लिस्ट
इसे भी पढ़ें : फिर एन’काउंटर…
इसे भी पढ़ें : Weekly Horoscope (May 4 to 10, 2026) : सितारों ने लिखी 12 राशियों की नई कहानी… जानें
इसे भी पढ़ें : RBI के डिप्टी गर्वनर बने रोहित जैन…
इसे भी पढ़ें : पटरी पर दो धड़कनों का दर्दनाक अंत…






