रांची : विपक्ष के हंगामे के बीच झारखंड के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने 91277 करोड़ का बजट पेश किया। 1 घंटा 15 मिनट के भाषण में श्री उरांव ने विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया। उन्होंने 12 बजकर 03 मिनट पर भाषण शुरू किया और 1 बजकर 18 मिनट पर खत्म किया। इस दौरान बीजेपी के विधायक वेल में जा बैठे। पूरे बजट भाषण के दौरान नारेबाजी की गई।
वित्त मंत्री ने मनरेगा मजदूरी में 31 रुपए बढ़ोत्तरी, आदिवासी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप सहित कई योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में माइनिंग कॉरिडोर का निर्माण होगा। लघु ग्रामीण योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचाने की योजना है। गिरिडीह, धनबाद और देवघर में रिंग रोड बनेंगे। इसके साथ ही 24 नगर निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की योजना है। झारखंड सरकार इस साल से मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू कर रही है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पांच योजनाएं शुरू की जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन में झारखंड आत्मनिर्भर बनेगा। शहीदों के जन्मस्थल आदर्श ग्राम बनेंगे। इस वित्तीय वर्ष में 69 एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे।
बजट की बड़ी बातें :
- कृषि ऋण माफी के लिए 1200 करोड़ का प्रावधान
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बजट में 18653 करोड़ रुपये का प्रावधान
- पथ निर्माण के लिए 3480 करोड़
- मनरेगा मजदूरी 194 से बढ़ाकर 225 रुपये करने का ऐलान
- कृषि ऋण माफी के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1200 करोड़ का प्रावधान।
- शहरी क्षेत्र को हरा-भरा करने के लिए शहरी वानिकी योजना की शुरुआत।
- बिरसा ग्राम योजना के लिए 61 करोड़ की राशि का प्रावधान
- किसान सर्विस सेंटर की स्थापना का ऐलान
- मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना, मछुआरों को अनुदान में नाव देने का ऐलान
- 69 एकलव्य स्कूल की स्थापना का ऐलानबजट भाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा

बजट भाषण के दौरान विपक्ष के लोग जमकर हंगामा करते रहे। विपक्ष की ओर से समानांतर बजट पढ़ा गया। विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने बजट भाषण पढ़ा। इस दौरान बीजेपी के विधायक वेल में बैठकर ताली बजाते रहे। सदन में सीटी बजाने वाले एक विधायक को स्पीकर ने मार्शलों द्वारा बाहर निकलवाया। विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने 11:14 बजे सदन की कार्यवाही को दोपहर 12:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था।








