Chattisgarh : अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शुक्रवार को जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने छह नक्सलियों को ढेर कर दिया। मारे गये नक्सलियों में शीर्ष कमांडर के शामिल होने की भी सूचना है। अब तक की तलाशी में मौके से AK47, SLR राइफलें, भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सल साहित्य बरामद हुआ है। फिलहाल, जंगल में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। साल 2025 में अब तक छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान ने बड़ा असर दिखाया है।
5 जनवरी: अबूझमाड़ में महिला नक्सली समेत 5 मारे गए
12 जनवरी: बीजापुर के मद्देड़ में 5 नक्सली ढेर (2 महिला)
16 जनवरी: बीजापुर के पुजारी कांकेर में 18 नक्सली मारे गए
21 जनवरी: गरियाबंद जिले में 14 नक्सली ढेर
2 फरवरी: बीजापुर के तोड़का जंगल में 8 नक्सली मारे गए
9 फरवरी: इंद्रावती नेशनल पार्क में 31 नक्सली ढेर, साल की सबसे बड़ी कार्रवाई
20 मार्च: बीजापुर और कांकेर में एक ही दिन में 30 नक्सली मारे गये
25 मार्च: दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर मुठभेड़, 3 नक्सली ढेर, इनामी सुधाकर भी मारा गया
29 मार्च: दंतेवाड़ा के केरलापाल में 17 नक्सली मारे गए, 25 लाख का इनामी जगदीश उर्फ बुधरा भी ढेर – झीरम घाटी हत्याकांड का आरोपी
बीजापुर में मारा गया था 10 लाख का इनामी कन्ना
कुछ दिन पहले बीजापुर के नेशनल पार्क इलाके में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मिलिट्री कंपनी के स्नाइपर सोढ़ी कन्ना को मार गिराया था। वह 10 लाख का इनामी था और कई बड़े हमलों में शामिल रहा। बार-बार हो रही सफल कार्रवाइयों से नक्सलियों का मनोबल टूटता दिख रहा है। टॉप इनामी नक्सलियों का मारा जाना न सिर्फ ऑपरेशन की सफलता है, बल्कि यह संदेश भी कि सरेंडर करो या मारे जाओ।






